मामला पैलानी तहसील के सबादा गांव का है, जहां के शिकायतकर्ता शफक्कत खां ने कोर्ट में दाखिल प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान सहरुद्दीन, तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी शिवविधान गुप्ता और आनंद मोहन शर्मा ने वर्षों से विकास कार्यों के नाम पर फर्जी बिलिंग की। शिकायत में बताया गया कि पंचायत में आरसीसी रोड, इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण के नाम पर लाखों रुपये खर्च दिखाए गए हैं, जबकि धरातल पर कोई निर्माण नहीं हुआ। इतना ही नहीं शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि दो लाख रुपये पिट खुदाई के नाम पर भुगतान कर दिया गया, जबकि पिट ही अस्तित्व में नहीं हैं। शफक्कत खां ने इस संबंध में बीडीओ, डीपीआरओ से लेकर डीएम तक कई बार शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद उन्होंने मामला सीजेएम न्यायालय में उठाया। कोर्ट ने प्रकरण को गंभीर मानते हुए पैलानी पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए। थाना पैलानी में प्रधान और दो सचिवों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। थाना प्रभारी राजेश वर्मा ने बताया कि मामले की विवेचना एसआई प्रदीप कुमार को सौंपी गई है। जांच में तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उधर, ग्राम प्रधान सहरुद्दीन ने आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि पंचायत को श्रेष्ठ विकास कार्यों के लिए पुरस्कार भी मिल चुका है और जिन कार्यों के न होने का आरोप लगाया गया है, वे मौके पर पूरे करा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि साजिश के तहत उनके विरुद्ध झूठी शिकायत कराई गई है।