बांदा। मनरेगा में वित्तीय वर्ष 2022-23 में कराए गए विकास कार्यो में अनियमितताओं की परते खुलने लगी है। ग्राम पंचायत स्तर पर लगाई गई सोशल आडिट टीमों ने 377 ग्राम पंचायतों में टीमों 83.88 लाख से अधिक की अनियमितताएं पकड़ी है।
जिले में प्रतिवर्ष करीब 100 करोड़ से अधिक के कार्य ग्राम पंचायतों में मनरेगा से कराए जाते है। भारत सरकार मनरेगा से होने वाले विकास कार्यों का सोशल आडिट कराती है। इसके लिए बकायदा ग्राम पंचायत स्तर पर सोशल आडिट टीमें लगाई जाती है। टीमों ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में कराए गए विकास कार्यों का सत्यापन किया तो 377 ग्राम पंचायतों में 83 लाख 88 लाख 986 रुपये की अनियमितताएं पकड़ी। इसके अलावा तीन करोड़ से अधिक के कार्यो के ग्राम पंचायतों ने मौके पर अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए। सोशल आडिट टीमों ने रिपोर्ट जिला विकास विभाग को सौंप दी है।
सोशल आडिट टीम द्वारा पकड़ी गई अनियमितताएं
ब्लाक
ग्राम पंचायत
अनियमितताएं
बबेरू
49
846778
बडोखर 49
1926734
बिसंडा
49
1669420
जसपुरा
24
1550998
कमासिन 39
110020
महुआ
70
1199039
नरैनी
54
28968
तिंदवारी 43
1057029
योग-
377
8388986
केस-1
बिसंडा के ग्राम पंचायत बेल्दान में मेडबंदी, तालाब खुदाई, खंडजा निर्माण में 369867 रुपये की अनियमितता पकड़ी गई।
केस-2
जसपुरा के ग्राम पंचायत गाजीपुरा में तालाब खुदाई, मेडबंदी, संपर्क मार्ग के मिट्टी कार्य में 762239 रुपये की अनियमितता मिली।
वर्जन
सोशल आडिट में जो अनियमितताएं मिली है उनकी नए सिरे से जांच कराई जाएगी। अनियमितता मिलने पर धनराशि की रिकवरी कराई जाएगी।
-रमाशंकर, जिला विकास अधिकारी, बांदा।