फोटो- 09 जिला अस्पताल के दवा वितरण कक्ष में लगी मरीजों की लाइन। संवाद
बांदा। मार्च के पहले सप्ताह में तापमान 30 डिग्री से ऊपर पहुंचने लगा है। इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिख रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में लगभग 300 मरीज बुखार और डायरिया से पीड़ित होकर पहुंचे।
इनमें बच्चों की संख्या भी काफी अधिक थी। 25 से ज्यादा मरीजों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया है। होली के बाद शुक्रवार को खुली ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ रही। पर्चा काउंटर से दवा वितरण कक्ष तक लंबी कतारें थीं, जहां एक मरीज को पर्चा बनवाने में 30 मिनट लगे। जिला अस्पताल में कुल 1250 मरीजों ने पंजीकरण कराया।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एसडी त्रिपाठी, डॉ. हृदयेश पटेल, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता, डॉ. एके राजपूत और डॉ. अरमान की ओपीडी में मरीजों की लाइनें लगी रहीं। एक-एक मरीज को दिखाने में 30 मिनट का समय लगा। तब जाकर उसका नंबर आ सका। प्रत्येक डॉक्टर ने अपनी ओपीडी में 70 से 80 मरीजों को देखा। बुखार और डायरिया से ग्रसित तकरीबन 300 मरीज पहुंचे।
बुखार और डायरिया से ग्रसित कई मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। इनमें कनवारा गांव निवासी सीमा (40), बदौसा निवासी दिव्यांश (तीन माह) और कांशीराम कॉलोनी निवासी प्रांशु (6) जैसे बच्चे शामिल थे। महोतरा गांव निवासी बिटोला (65) और तिंदवारी निवासी सुशीला (70) जैसे बुजुर्ग भी भर्ती हुए। कुल 25 से अधिक मरीजों को ट्रामा सेंटर में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है।
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डॉक्टरों की सलाह
ट्रामा सेंटर में तैनात वरिष्ठ ईएमओ डॉ. विनीत सचान ने बताया कि तापमान बढ़ने और त्योहार में अनियमित खानपान से डायरिया बढ़ा है। सभी भर्ती मरीजों का इलाज किया जा रहा है। डॉ. सचान ने सलाह दी कि दो से तीन बार लूज मोशन होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। उन्होंने शरीर में पानी की कमी न होने देने और घर में ओआरएस का घोल रखने की बात कही। डॉक्टर ने लोगों से मौसम के उतार-चढ़ाव में सावधानी बरतने की अपील की।