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पिता ने निर्मला को घर से निकाल दिया था

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बांदा। मासूम बेटे की हत्यारोपी मां निर्मला देवी को उसके पिता रामस्वरूप ने 15 दिन पूर्व घर से निकाल दिया था। वह पड़ोस के ही एक व्यक्ति के पशुबाड़े में रहने लगी थी।
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इंस्पेक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पिता निर्मला को ससुराल जाने के लिए कह रहा था। इस पर निर्मला ने अपने पिता को लाठी मार दी थी। इससे नाराज रामस्वरूप ने निर्मला को घर से निकाल दिया था। इधर-उधर भटकने के बाद करीब दो दिन से पड़ोसी के पशुबाड़े में रहने लगी थी। परिजनों का कहना है कि निर्मला को ससुराल भेजने के लिए कई बार पंचायतें हुईं। पति विजय भी कई बार उसे लेने अमिलिहा पुरवा आया, लेकिन वह नहीं गई। पति ने बताया कि ससुराल से लेने उसे कोई जाता तो वह उससे झगड़ती और भगा देती थी। निर्मला से बेटे को देने के लिए भी कहा था, लेकिन इसके लिए भी वह तैयार नहीं थी। अंतत: उसने बेटे को भी मार डाला। मां द्वारा पुत्र को मौत के घाट उतारने की छह माह में यह दूसरी घटना है।
इसके पूर्व पिछले वर्ष दिसंबर में गंछा गांव की रन्नो ने अपने दो वर्षीय पुत्र संदीप को केन नदी में फेंक दिया था। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जाल डालकर मासूम शव निकाला था। मां रन्नो जेल में है। अमिलिहा पुरवा में मां निर्मला द्वारा बेटे आशीष की गला घोंटकर मार डालने की यह घटना दूसरी है। उधर, नवागत पुलिस अधीक्षक अभिनंदन के कार्यभार ग्रहण करने के बाद यह दूसरी हत्या है। हाल ही में जसपुरा थाना क्षेत्र के बुधेड़ा गांव में शिवनारायण की हत्या कर यमुना नदी में शव फेंक दिया गया था। इस हत्याकांड की गुत्थी अभी सुलझी भी नहीं और अमिलिहा पुरवा में मां ने पुत्र को मौत के घाट उतार दिया।
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