बांदा। पिता और पुत्र पर पेट्रोल डालकर जिंदा फूंकने वाले सौतेले भाई वीपी सिंह को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रपाल द्वितीय की अदालत ने शनिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। अन्य धाराओं में सजा समेत 22 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के भिड़ौरा गांव निवासी पूनम सिंह पत्नी रामखेलावन सिंह ने थाने में 29 सितंबर 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि पति की पहली पत्नी की मृत्यु के बाद उसकी शादी हुई थी। पहली पत्नी के पुत्र विश्वनाथ प्रताप सिंह उर्फ वीपी सिंह शादी के बाद बंटवारा करके अलग रहता है। 29 सितंबर 2017 को सुबह वीपी सिंह अभद्रता करते हुए घर घुस आया और उसके बाल पकड़कर घसीटने लगा।
पति ने विरोध किया तो वहां से अपने घर चला गया। पूनम के मुताबिक कुछ ही देर में वीपी सिंह प्लास्टिक के बड़े मग में पेट्रोल भरकर लाया और पति रामखेलावन और पुत्र उदयप्रताप पर पेट्रोल फेंककर लाइटर से आग लगा दी। इससे दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। सूचना पाकर पहुंची पुलिस दोनों को पीएचसी तिंदवारी ले गई। वहां से जिला अस्पताल लाए। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर रेफर कर दिया गया। कानपुर के हैलेट अस्पताल में उपचार के दौरान चार अक्तूबर को पति रामखेलावन और रीजेंसी अस्पताल में पुत्र उदयप्रताप की 10 अक्तूबा 2017 को मौत हो गई।
यह भी बताया कि उसके देवर रामकरन का 25 वर्ष पूर्व कत्ल हो गया था। उस मामले में पति रामखेलावन को फंसाया गया था। इसी के चलते रामकरन की पत्नी देवरानी रामरती व भतीजे शमशेर सिंह रंजिश मानते थे। इन्हीं दोनों ने साजिश रचकर वीपी सिंह को उकसा दिया था, जिसके चलते वीपी सिंह ने पति और पुत्र को जिंदा जलाकर हत्या कर दी। तिंदवारी पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के दौरान रामरती व शमशेर को क्लीन चिट देते हुए मुकदमे से बाहर कर दिया। सौतेले बेटे विश्वनाथ प्रताप सिंह के विरुद्ध विवेचक ने अदालत में 16 दिसंबर 2017 को आरोप पत्र दाखिल किया।
अदालत ने आरोपी के विरुद्ध सात मई 2018 को आरोप पत्र बनाया। शनिवार को मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद हत्या का दोषी पाते हुए अदालत ने विश्वनाथ प्रताप सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।