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62 करोड़ का भुगतान न होने से किसान परेशान

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बांदा। सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों में किसानों को सहूलियतें कम दुश्वारियां ज्यादा मिल रही हैं। पहले उपज बेचने के लिए मशक्कत करनी पड़ी, अब कीमत हासिल करने के लिए दौड़ रहे हैं। 72 घंटे में भुगतान के सरकारी दावे हवाहवाई साबित हो रहे। मंडल के चारों जनपदों में किसानों ने अब तक कुल 59,946 मीट्रिक टन गेहूं बेचा है। इसमें खरीद एजेंसियों ने उनका 62.37 करोड़ रुपये भुगतान नहीं किया है।
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चित्रकूट मंडल में गेहूं की सरकारी खरीद का लक्ष्य एक लाख मीट्रिक टन है। 15 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो गई थी। बांदा में अब तक 1100 किसानों का 14,800 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। इसकी कीमत 21.96 करोड़ रुपये है। किसानों का 13.86 करोड़ बकाया है। महोबा में 1080 किसानों ने 13,904 मीट्रिक टन गेहूं बेचा है। उन्हें 26.94 करोड़ रुपये चाहिए। इसमें अभी 15.16 करोड़ बकाया है।
हमीरपुर में सर्वाधिक 21 हजार किसानों का 24,342 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। इसका मूल्य 46.85 करोड़ रुपये है और एजेंसियों ने अभी 23.74 करोड़ रुपये भुगतान नहीं किया। चित्रकूट में सबसे कम 580 किसानों का 6,900 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। किसानों का 13.29 करोड़ में 9.61 करोड़ रुपये बकाया है। भुगतान न होने से किसान परेशान हैं।
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चित्रकूटधाम मंडल के संभागीय खाद्य नियंत्रक संजीत कुमार ने बताया कि सबसे ज्यादा किसानों का बकाया पीसीएफ पर है। इनके अधिकारियों को पत्र भेजकर जल्द भुगतान करने के लिए कहा गया है।
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