बांदा। मौसम की बेरुखी किसानों पर भारी पड़ रही है। खरीफ के बाद अब बेमौसम की बारिश और ओलावृष्टि ने फसलें चौपट कर दीं। सर्वाधिक नुकसान शनिवार और रविवार की बारिश से हुआ है। किसानों को करीब सवा अरब रुपये की चपत लगी।
जिले में डेढ़ लाख हेक्टेयर से अधिक रबी की फसल बोई गई है। करीब 70 हजार हेक्टेयर में दलहन तिलहन की फसल बोई गई है। पखवारे भर में दो बार ओलावृष्टि व दो दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बेमौसम बारिश से मसूर, मटर, चना की फसल मिट्टी में दफन हो गई है। सरसों, अरहर की फसल भी खराब हो गई है। खेतों में पानी भरा हुआ है। ऐसे में बची खुची फसल भी सड़ जाएगी।
उधर, प्रशासन ने ओलावृष्टि व रबी से बर्बाद फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे में राजस्व व कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को लगाया गया है। टीम में लगे अधिकारियों का कहना है कि पिछले दिनों ओलावृष्टि से बबेरू, नरैनी व पैलानी तहसीलों में 50 करोड़ से अधिक की फसलों को नुकसान हुआ है। इसी प्रकार दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश में एक अरब से अधिक की फसलों को नुकसान हुआ है।