बांदा/चिल्ला। लघु किसान ने पशुबाड़े में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने बताया कि पुत्र की शादी में लिए कर्ज से परेशान था। 10 साल पहले उसकी पत्नी ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उधर, किशोर सहित दो ने जहर खाकर खुदकुशी का प्रयास किया। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चिल्ला थाना क्षेत्र के डिघवट गांव में राजकिशोर (50) पुत्र गोपाल निषाद ने रविवार की रात अपने पशुबाड़े में धन्नी में रस्सी बांधकर गले में फंदा कस लिया। उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया है। मृतक के पुत्र ओमप्रकाश उर्फ जितेंद्र ने बताया कि पिता रात को पशुबाड़े में सोने चले गए। सुबह फंदे पर शव लटकता मिला। मात्र दो बीघा जमीन है।
यह भी बताया कि इसी वर्ष 17 जून को उसकी शादी के लिए पिता ने गांव के कुछ लोगों से 40 हजार रुपये कर्ज लिया था। इसकी अदायगी को लेकर तनाव में थे। जितेंद्र ने बताया कि 10 वर्ष पूर्व घरेलू कलह के चलते उसकी मां सावित्री देवी ने भी उसी स्थान पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक के दो पुत्र और एक पुत्री हैं।
उधर, तिंदवारी थाना क्षेत्र के बंबिया गांव में कुंदन (15) पुत्र विजय ने सोमवार को दोपहर घर में जहर खा लिया। परिजनों ने बताया कि किसी बात पर उसे डांट दिया था। इसी से क्षुब्ध होकर उसने घटना कर ली। एक अन्य घटना में बिसंडा थाना क्षेत्र के पल्हरी गांव में कालीचरण (20) पुत्र राजेश कुमार ने रविवार की रात घर में जहर खा लिया। नाजुक अवस्था में उसे जिला अस्पताल लाया गया। परिजन वजह नहीं बता सके।