पड़ुई (बांदा)। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने गुरुवार सुबह
अफसरों के साथ लोहिया गांव पडुई का निरीक्षण किया। 20 मिनट के निरीक्षण के
दौरान उन्होंने कहीं बच्चों को दुलारा तो कहीं ग्रामीणों की मेहमाननवाजी
कबूल की।
मुख्य सचिव को अपना तालाब अभियान के संयोजक पुष्पेंद्र
भाई ने योजना की जानकारी दी। इस दौरान मुख्य सचिव ने मंडलायुक्त को निर्देश
दिया कि बुंदेलखंड के किसान अगर अपने खेत में तालाब बनाते हैं तो उन्हें
50 फीसदी अनुदान दिया जाए।
इस गांव में रात बिताने के बाद मुख्य
सचिव सुबह 7:18 बजे स्विस काटेज से बाहर निकले। कई प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त
एल वेंकटेश्वर लू, डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी, डीएम सुरेश कुमार और एसपी
आरपी पांडेय उनके इंतजार में खड़े थे।
मुख्य सचिव ने बाहर आते ही
‘अमर उजाला’ लेकर खबरें पढ़ीं। इसके बाद उनका काफिला भ्रमण पर निकला। गांव
की हर गली में सफाई कराने के साथ कलई डाली गई थी।
लोहिया आवास रंगे-पुते थे। मुख्य सचिव ने सियालली का लोहिया आवास देखा। सियालली और उसके पति से बातचीत भी की।
आगे
बढ़े तो अपना तालाब अभियान के संयोजक पुष्पेंद्र भाई अपने घर के बाहर
मुख्य सचिव की अगवानी के लिए खड़े थे। पुष्पेंद्र ने मुख्य सचिव का तिलक कर
उन्हें एक रुपया भेंट किया।
मुख्य सचिव ने यहां बैठकर चाय पी।
पुष्पेंद्र ने उन्हें खेतों में तालाब खोदने की योजना की जानकारी दी तो
मुख्य सचिव ने मंडलायुक्त से कहा कि किसान अगर अपने खेत में तालाब बनवाते
हैं तो उन्हें 50 फीसदी अनुदान दिलाया जाए।
देव कुमारी ने अपने
लोहिया आवास में मुख्य सचिव के आने पर उन्हें लौकी का हलुवा परोसा। देव
कुमारी की पुत्री ने स्वागत गीत गाया तो मुख्य सचिव ने उसे 500 रुपये का
पुरस्कार दिया।
सुबह लगभग 7:46 बजे मुख्य सचिव गांव का भ्रमण पूरा
कर स्कूल लौट आए। इसके बाद मुख्य सचिव का काफिला बांदा कूच कर गया। उनके
जाते ही अफसर और कर्मचारी भी चले गए।