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कृषि कानूनों की किसानों ने फूंकी प्रतियां

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Farmers burnt copies of agricultural laws - फोटो : BANDA
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बांदा। सुप्रीम कोर्ट के कृषि कानूनों पर रोक लगा देने के बाद भी किसानों का गुस्सा थम नहीं रहा। बुंदेलखंड में भी विरोध की बयार बरकरार है। बुधवार को सूरज ढलने के बाद बुंदेलखंड किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने यहां मंडल मुख्यालय में पुलिस की मौजूदगी में किसान कानूनों की प्रतियां आग के हवाले कर दीं। कानून के विरोध में नारे लगाए।
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यूनियन के किसान नेता दिल्ली बार्डर में आंदोलन में शामिल रहे हैं। हाल ही में वह वापस आए हैं। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने तीनों कृषि कानूनों पर रोक लगा दी। बुधवार को अखबारों में प्रमुखता से यह खबर छपी। इसके बाद भी किसान नेताओं का गुस्सा ठंडा नहीं हुआ है। यूनियन ने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर देर शाम कलेक्ट्रेट के पास स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट के नजदीक प्रदर्शन के बीच तीनों कानूनों की प्रतियां जलाईं। कहा कि कानून पूरी तरह वापस न लिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। बड़ी संख्या में मौजूद पुलिस ने किसानों को प्रतियां फूं कने से रोकना चाहा लेकिन धक्का मुक्की के बीच प्रतियां आग के हवाले कर दीं। पुलिस खड़ी रह गई।
प्रदर्शन में यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा सहित गणेश प्रसाद, कैलाश करवरिया, अरुण कुमार गौतम, दिनेश कुमार निरंजन, उमा सिंह, योगेंद्र कुमार शुक्ला, लाला रामनरेश सिंह, देशराज सिंह, दयाराम राजपूत, बी आर साहू, राम महाराज आदि किसान शामिल रहे।
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