बांदा। चकबंदी विभाग में अनियमितताओं के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के बैनर तले किसानों का आमरण अनशन बृहस्पतिवार से अशोक लाट चौराहे पर शुरू हो गया। संगठन का कहना है कि 16 जून से धरना चल रहा है। प्रशासन द्वारा अनसुना किए जाने के बाद अब इसे आमरण अनशन में बदल दिया गया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
भाकियू के राष्ट्रीय सचिव हरदत्त पांडेय ने आरोप लगाया कि चकबंदी विभाग द्वारा फर्जी तरीके से कार्य पूर्ण होने की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है, जबकि कई गांवों में विवाद और शिकायतें अब भी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि लोहरा, अमलीकोर, सिलेहटा, बहिंगा, घटीरा खुर्द और महेबरा गांवों के किसान लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। किसानों की प्रमुख मांगों में लोहरा और अमलीकोर गांव में चक सीमांकन से जुड़े विवादों का पहले निस्तारण, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई तथा आयुक्त चित्रकूट धाम मंडल के निर्देश पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग शामिल है।