दैवी आपदा पीड़ित तमाम किसानों को अब तक सरकार की ओर से दी जा रही राहत राशि न मिलने, मुआवजा राशि में धांधली और लेखपालों की मनमानी के खिलाफ सोमवार को बुंदेलखंड किसान यूनियन एक बार फिर सड़कों पर उतर पड़ी। यूनियन से जुड़े किसानों ने नेशनल हाइवे पर जाम लगा दिया।
किसानों ने आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की और 12 सूत्री मांगों का ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। बता दें कि कुछ दिन पहले यूनियन इन्हीं सब मांगो को लेकर मंडलायुक्त कार्यालय में ताला जड़ चुकी है।
सोमवार दोपहर कलेक्ट्रेट के सामने नेशनल हाइवे पर बड़ी संख्या में किसानों का जमघट लगा। बुंदेलखंड किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा के नेतृत्व में बांदा-महोबा नेशनल हाइवे पर खड़े होकर जाम लगा दिया।
हालांकि पूर्व घोषित कार्यक्रम होने से पुलिस पहले से ही बड़ी तादाद में तैनात थी। इस बीच किसानों ने कहा कि पहली जून को मंडलायुक्त ने किसानों की समस्या सुनने के बजाए उन्हें डांटा-फटकारा। इस पर किसानों ने आयुक्त के खिलाफ नारे लगाए और उन्हें हटाने की मांग की।
सिटी मजिस्ट्रेट एके पुष्कर, सीओ सदर प्रभात कुमार आदि ने समझा-बुझाकर जाम खत्म कराया। यूनियन नेताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित 12 सूत्री मांग पत्र उन्हें सौंपा। गजबदन शुक्ला, भइयालाल पटेल, अरुण कुमार गौतम, शैलेंद्र मिश्रा उर्फ बाबू मसुरी, वीरेंद्र कुमार शुक्ला, राकेश आदि शामिल रहे।
अतर्रा प्रतिनिधि के मुताबिक बांदा शहर के साथ बुंदेलखंड किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने अतर्रा में भी प्रदर्शन किया। किसानों का जत्था मंडी परिषद से नारे लगाता हुआ रवाना हुआ। रास्ते में इलाहाबाद हाइवे पर जाम लगा दिया।
एसडीएम आरके श्रीवास्तव के आश्वासन पर डेढ़ घंटे बाद जाम खत्म किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। प्रदर्शन में लक्ष्मीकांत, भुवनेश्वर प्रसाद आदि किसान नेता शामिल रहे।