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अभी क्रमिक अनशन, आगे आत्मदाह के कदम

Wed, 15 Apr 2015 11:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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हिंदुस्तान किसान यूनियन ने आपदा पीड़ित किसानों के हक में बेमियादी क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। चेतावनी दी है कि शीघ्र मांग नहीं मानी गई तो आमरण अनशन और फिर आत्मदाह जैसे कदम उठाए जाएंगे।
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बुधवार को यूनियन ने स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट में अनशन शुरू किया। पहले दिन राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र तिवारी के नेतृत्व में एक दर्जन से ज्यादा किसान अनशन पर बैठे। यूनियन अध्यक्ष ने कहा कि ‘मरता क्या न करता’ का रास्ता अपनाकर किसान अपना हक लेने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

30,000 रुपये हेक्टेअर मुआवजा, फसल बीमा का तत्काल लाभ, बंटाईदारों को भी 50 फीसदी मुआवजा, लेखपालों के उत्पीड़न पर मनमानी पर लगाम, किसानों के बिजली बिल माफ किए जाने की मांगे की गई हैं। अनशन में गणेश प्रसाद शर्मा (प्रदेश अध्यक्ष) सहित शैलेंद्र सिंह, दिनेश कुमार, आलोक शुक्ल, दिवाकर सिंह खंगार, रविकरन वाजपेई, जगदीश गुप्ता, रामशरण त्रिपाठी, पुष्पा त्रिपाठी इत्यादि शामिल हुए। लोकतंत्र रक्षक सेनानी नौशाद अली भारतीय सहित अन्य किसान नेताओं ने संबोधित किया।
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उधर, बुंदेलखंड किसान यूनियन अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा और जिलाध्यक्ष अरुण गौतम आदि ने नरैनी क्षेत्र के कई गांवों का भ्रमण कर शासन से फसलों का मुआवजा शीघ्र दिए जाने की मांग की। उन्होंने कर्ज माफी और प्रति बीघा 10,000 रुपये मुआवजा मांगा।

सरकारी से मिल रही मदद नाकाफी
बांदा। भाजपा किसान मोर्चा जिला प्रभारी सूर्यपाल सिंह चौहान ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन बुधवार को एसडीएम को दिया। कहा कि किसानों को दी जा रही सहायता राशि बहुत कम है। उन्होंने बैंकों से फसल बीमा योजना का लाभ न मिलने और क्षति सर्वेक्षण में लेखपालों द्वारा वसूली की शिकायत की।

ज्ञापन देने वालों में अवधेश सिंह, विजयकरन सिंह, रामस्वरूप, रामनरेश सिंह, कुलदीप सिंह, प्रदीप सिंह, रामकिशोर सिंह, राम कुमार, संजय सिंह आदि शामिल रहे। उधर, भारतीय किसान सेना अध्यक्ष रमाकांत मिश्र ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा है कि दैवीय आपदा से किसान आत्महत्या कर रहे हैं। जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन से कटौती कर किसानों की मदद की जाए। उन्होंने कर्ज माफी की भी मांग की।

बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र सिंह पटेल ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि चार बार ओलावृष्टि व बारिश से फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार 10-10 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दे।

नरैनी प्रतिनिधि के मुताबिक पचोखर गांव के बटाईदार किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर मदद की फरियाद की। कहा है कि उन्होंने काश्तकारों से बटाई पर खेत लेकर फसल पर खर्च किया। पूंजी गंवाने के बाद अब परिवार पालने के लाले हैं। उनके साथ कैलाशी, टिरियां, प्रहलाद, लल्ली, राम प्रताप, रामानुज आदि मौजूद रहे।
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