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समझ से परे है मुआवजे का गणित

Wed, 15 Apr 2015 11:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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मुआवजे के मामले में प्रशासन की गणित दैवीय आपदा पीड़ित किसानों की समझ के परे है। शासन से सिंचित भूमि को 9,000 और असिंचित को 4500 रुपये प्रति हेक्टेअर राहत राशि देने के आदेश है। पर किसी किसान को 750 मिल रहा है तो किसी को 1200 रुपये। कई निराश किसानों ने इन चेकों को ठुकरा दिया है।
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लेखपाल बात नहीं कर रहे
अतर्रा तहसील में गड़ांव गांव के किसान उमा शंकर गुप्ता एक एकड़ से ज्यादा के काश्तकार हैं। पूरी फसल चौपट हुई है। उन्हें 4500 रुपये के स्थान पर 2862 का चेक दिया गया है।  लेखपाल को किसानों से बात करने का समय नहीं है।

चेक लेखपाल को लौटाया
16 बीघा के काश्तकार भोला प्रसाद मिश्र (नांदी, चित्रकूट) को सिर्फ 1750 रुपये का चेक जारी हुआ। लेखपाल ने कोई बात नहीं बताई। 25000 से ज्यादा लागत लगा बैठे किसान ने निराश होकर यह चेक लेखपाल को लौटा दिया है। किसान ने बताया कि उनके एक बीघा में दो कुंतल चना होता था। अबकी सिर्फ 25 किलो दाना निकला है।
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कबौली में भी फसल का कबाड़ा
नरैनी तहसील के कबौली गांव में किसानों के साथ खिलवाड़ हुआ है। यहां के किसान तौफ अहमद को ढाई बीघा फसल गंवा बैठने पर सिर्फ 1467 रुपये का चेक मिला है। 7 बीघा की काश्तकार बशीरन को 1800, 6 बीघा के किसान जलील खां को 750 रुपये, दो बीघा के काश्तकार शकील व जमील को साढ़े 7-7 सौ के चेक दिए गए हैं। प्रभारी तहसीलदार मूलचंद्र यादव कहना है कि किसी किसान को शिकायत है तो उन्हें बताएं।

बबेरू में बंट गया 4 करोड़ से ज्यादा धन
बबेरू। तहसील के 84 गांवों में प्रशासन ने 11,370 सीमांत किसानों को 1,47,24,248 रुपये और 3441 लघु सीमांत किसानों को 1,08,00,102 रुपये के अलावा 3323 बड़े किसानों को 1,62,23,972 रुपये राहत राशि उनके खातों में भेजी गई है। इनमें से अधिकांश किसानों को बैंकों से बैरंग लौटा दिया गया है। जनवारा गांव के अरविंद, गुलाब, छोटा, बाबूलाल, चुनूबादी, मान सिंह आदि को सिर्फ 750 रुपये के चेक भेजे गए हैं। एसडीएम विनय कुमार पाठक का कहना है कि निर्धारित मानक से सिंचित व असिंचित किसानों को उनकी भूमि के मुताबिक मुआवजा दिया जा रहा है। पूर्व मंत्री शिवशंकर सिंह पटेल और पूर्व डीडीसी शिवमंगल  सिंह चौहान ने इस सहायता राशि को बेहद कम बताया है।
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