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ट्रैक्टर की किस्त भरने फाइनेंस कंपनी आए किसान की मौत

Tue, 05 Jun 2018 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बांदा
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पुलिस को पिता की मौत संबंधी जानकारी देता मृतक किसान का पुत्र राजू। - फोटो : अमर उजाला
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बांदा। किस्त जमा न होने पर आधी रात को फाइनेंस कंपनी के गुर्गे किसान के घर से ट्रैक्टर उठा लाए। किस्त  जमा करके ट्रैक्टर वापस लेने आए किसान की कंपनी कार्यालय में सीढ़ियों से गिरकर मौत हो गई। परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया। सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पुलिस ने उन्हें शांत कराया। परिजनों ने आरोप लगाया कि फाइनेंस कंपनी के लोग कई दिनों से उन्हें लौटा रहे थे।
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मटौंध थाना क्षेत्र के खहरा गांव निवासी कल्लू (50) पुत्र मेघवा की पत्नी कस्तूरी ने शहर मुख्यालय स्थित मैग्मा फाइनेंस कंपनी के माध्यम से दो वर्ष पूर्व सोनालिका ट्रैक्टर कर्ज पर लिया था। सूखा पड़ जाने से फसल कमजोर हो गई और किश्त की अदायगी में देरी हो गई। इस पर फाइनेंस कंपनी के लोग 27 मई को आधी रात के बाद किसान कल्लू के घर जा धमके और उसका सोनलिका ट्रैक्टर जबरन उठा लाए। मंगलवार को दोपहर कल्लू अपनी पत्नी कस्तूरी तथा पुत्र राजू के साथ 1.54 लाख रुपये की किश्त जमा करने यहां रोडवेज के पास स्थित कंपनी कार्यालय आया था। पत्नी और पुत्र पहली मंजिल स्थित कार्यालय में बैठे थे। कल्लू किसी काम से सीढ़ियों से नीचे उतर आया। कुछ देर बाद सीढ़ियों के पास उसका शव पड़ा मिला। सिर और चेहरे पर घाव थे। 108 एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने सिविल लाइन चौकी में कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया। चौकी प्रभारी हीरालाल मौत का कारण जानने के लिए पुत्र व पत्नी को साथ लेकर कंपनी कार्यालय पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज देखे। फुटेज में देखा कि सीढ़ी से उतरते समय गिरकर चोट आने से कल्लू की मौत हुई। इसी के बाद परिजनों का गुस्सा शांत हुआ। वह बिना पोस्टमार्टम कराए शव गांव ले गए। चौकी प्रभारी ने बताया कि मृतक के परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। उधर, फाइनेंस कंपनी के सहायक प्रबंधक मनीष तिवारी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है। फाइनेंस के बाद सारी जिम्मेदारी कानपुर स्थित हेड आफिस की होती है। कंपनी के गुर्गों द्वारा किसान से ट्रैक्टर खींच लाने के सवाल पर सहायक प्रबंधक ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

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