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किसान की बेटी को एक और गोल्ड मेडल

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गोल्ड मेडल व प्रमाणपत्र के साथ कुमारी अमृता सिंह। साथ में पिता अशोक सिंह। - फोटो : BANDA
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बांदा। सुर और ताल की दुनिया में लगातार उड़ान भर रही किसान की बेटी ने अपनी इस विधा पर एक और गोल्ड मेडल जीत लिया। महज 23 वर्ष की उम्र में उसके गले में यह 15वां गोल्ड मेडल पड़ा है। 5 सिल्वर मेडल भी जीत चुकी है।
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बबेरू तहसील के भभुवा गांव में साधारण किसान अशोक सिंह की बेटी कुमारी अमृता सिंह को सुर-ताल की नायिका बनकर उभरी है। तंत्र वाद्य, सारंगी, इसराज, दिलरुबा, संतूर, सरोद, मंगेरियन, तबला, पखावज, मृदंगम, शास्त्री संगीत, लोकगीत और ठुमरी आदि विधाओं में वह अब तक राज्यस्तरीय मुकाबलों में 15 गोल्ड मेडल हासिल कर चुकी है। 5 सिल्वर मेडल भी मिले हैं।
शनिवार (2 नवंबर) को प्रयागराज में आयोजित में प्रधान संगीत समिति के 82वें दीक्षांत समारोह में उसे तंत्र वाद्य में प्रथम स्थान मिलने पर प्रमाणपत्र के साथ गोल्ड मेडल से नवाजा गया है। उत्तर प्रदेश संगीत अकादमी, लखनऊ की अध्यक्ष डॉ. पूर्णिमा पांडेय ने अमृता को मेडल पहनाया और प्रमाणपत्र सौंपा।
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अमृता की मां उर्मिला गृहिणी हैं। अमृता अपनी माता-पिता की इकलौती बेटी है। एक मात्र बड़े भाई संजय हैं। वह भी खेती करते हैं। अमृता वर्तमान में जवाहर नवोदय विद्यालय, अलीराजपुर (एमपी) में टीजीटी संगीत शिक्षक हैं।
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