नरैनी/कालिंजर (बांदा) में बैंक से कर्ज वापसी की नोटिस मिलने के बाद तनाव में आ गए किसान ने एक पखवारे में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उस पर दो बैंकों का करीब नौ लाख रुपया बाकी था। 30 बीघा जमीन भी गांव के साहूकारों के पास गिरवी रख दी थी।
नरैनी तहसील और कालिंजर थाना क्षेत्र के चंदपुरा गांव में अवधेश प्रताप द्विवेदी (45) पुत्र रमाशंकर ने बीती रात घर के अंदर कमरा बंद कर साड़ी को छत की कड़ी में बांधकर गले में फंदा कस लिया और फांसी पर झूल गया। सुबह मृतक के पुत्र ने शव लटकता देखा। घरवालों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा खोलकर शव को कब्जे में ले लिया और पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के भतीजे अरविंद कुमार और पुत्र दीपेंद्र उर्फ दीपू ने बताया कि इलाहाबाद बैंक, नरैनी ब्रांच से साढ़े पांच लाख और आर्यावर्त बैंक, कालिंजर ब्रांच से पांच लाख कर्ज ले रखा था। इसकी अदायगी नहीं हो पाई थी। बताया कि कर्ज की रकम ब्याज से बढ़कर अब लगभग 15 लाख हो गई है। अपनी 30 बीघा जमीन भी गांव के साहूकारों के पास गिरवी रख दी थी।
भतीजे के मुताबिक 15 दिन पहले बैंक से नोटिस आई थी तभी से किसान अवधेश परेशान और तनाव में थे। इसी परिस्थितियों के बीच फांसी लगा ली। मृतक के एक पुत्र व एक पुत्री है। पुत्री की शादी पिछले वर्ष गर्मियों में की थी। पुत्र दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। उधर, उप जिलाधिकारी नरैनी वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें किसी ने जानकारी नहीं दी। वह तहसील (राजस्व) के अधिकारियों को भेजकर जांच पड़ताल और जानकारी कराएंगी।