बांदा। कोरोना पॉजिटिव जमाती का पूरा मोहल्ला क्वारंटीन कर दिया गया है। इसके मकान के लगभग एक किलोमीटर दूरी के दायरे में पुलिस ने नाकाबंदी कर आना-जाना रोक दिया है। उन लोगों की खोजबीन की जा रही है, जिनसे निजामुद्दीन मरकज से लौटने के बाद पिछले 20 दिनों में जमाती का संपर्क हुआ या मिले। जमाती के घर के 15 सदस्यों को मेडिकल कालेज के क्वारंटीन वार्ड में दाखिल करके इनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
शहर के एक मोहल्ला निवासी 40 वर्षीय शख्स पिछले माह निजामुद्दीन मरकज गया था। 11 मार्च को सुबह लौटा। पता चलने पर 1 अप्रैल को प्रशासन ने उसे मेडिकल कालेज के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल करके ब्लड सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेज दिया था। शुक्रवार को आई रिपोर्ट में जमाती के कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रशासन में खलबली मच गई।
देर रात से ही पूरे मोहल्ले को क्वारंटीन करने की रणनीति बना ली गई। शनिवार को सुबह से लगभग एक किलोमीटर दूर तक चारों तरफ से सभी सड़कों और गलियों पर पुलिस ने अवरोध लगाकर जमाती के घर की तरफ रास्ते बंद कर दिए। इस इलाके के लोगों को घर से बाहर निकलने पर रोक लगा दी। दोपहर को स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस से जमाती के परिवार के 15 सदस्यों को मेडिकल कालेज ले जाया गया और वहां आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। इनमें कई बच्चे और महिलाएं भी हैं। शनिवार को सुबह पूरे मोहल्ले में फायर ब्रिगेड के टेंडर टैंकर से धुलाई और छिड़काव कर सैनिटाइजेशन किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि पूरे परिवार के ब्लड व स्वाब नमूने जांच के लिए लखनऊ भेजे जाएंगे। उधर, पुलिस ने लगभग सौ लोगों की सूची तैयार की है। ये वो लोग हैं जिनसे मरकज से लौटने के बाद जमाती ने मुलाकात की या उनके संपर्क में आए। इन सबके भी नमूने लेकर जांच कराई जा सकती है।
पड़ोसी भी स्वास्थ्य विभाग की राडार पर
बांदा। कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट वाले जमाती के पड़ोसी भी अब स्वास्थ्य विभाग के राडार पर हैं। विभाग की टीम ने घर-घर जाकर इनकी सेहत की खबर लेना शुरू कर दिया है। घर के जिस सदस्य में बीमारी के कोई लक्षण पाए जा रहे हैं, उनका ब्लड आदि का सैंपल लेकर जांच को भेजा जाएगा। सीएमओ ने बताया कि इन सभी पड़ोसियों की 14 दिन तक निगरानी होगी। क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इनके घर रोजाना हालचाल लेने जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट देंगी।
पॉजिटिव जमाती को दी ब्लड प्रेशर की दवा
बांदा। जांच में जिसे में कोरोना पॉजिटिव बताया गया है वह जमाती पूरी तरह चंगा है। मरकज निजामुद्दीन से लौटे उसे 22 दिन बीत गए। मगर एक दिन बुखार भी नहीं आया। शायद यही वजह है कि मेडिकल कालेज के आइसोलेशन वार्ड में तीन दिनों से भर्ती इस जमाती शख्स को फिलहाल कोई दवाओं की जरूरत नहीं पड़ी। अलबत्ता शनिवार को पहले दिन उसे मात्र दो टेबलेट दी गईं।
वह ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने की बताई गई हैं। भर्ती जमाती रोजाना सामान्य रूप से मेडिकल कालेज द्वारा दोनों समय परोसा जाने वाला भोजन ले रहा है। उसने बताया कि उसे किसी तरह की कोई तकलीफ नहीं है। उधर, मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डा.मुकेश कुमार यादव ने भी इसकी पुष्टि की।