छात्रों की मौत का जिम्मेदार कौन
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- दोनों पक्ष ने अलग-अलग की शिकायत, दो प्राथमिकी की मांग
- पुलिस ने जांच का आश्वासन देकर मामले को खींचा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। झील का पुरवा स्थित आवासीय विद्यालय में दो छात्रों की मौत के मामले में बुधवार की शाम कोतवाली नगर व चौकी सिविल लाइन में दोनों छात्रों के परिजन ने अलग-अलग तहरीर दी। अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज करने की मांग रखी। चौकी में प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे परिजन बिना किसी ठोस बातचीत के अपनी तहरीर लेकर वापस लौट गए। वह बृहस्पतिवार को फिर से प्रकरण की शिकायत करने के लिए कोतवाली पहुंचेंगे।
थाना चिल्ला के महेंदु गांव निवासी पूर्व फौजी विजयपाल अपने परिचितों के साथ कोतवाली नगर पहुंचे। विजय पाल ने कोतवाली में तहरीर दी। उन्होंने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए विद्यालय के प्रबंधक व स्टाफ को पौत्र अरुण की मौत का जिम्मेदार ठहराया और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। कोतवाली में मौजूद सिपाही ने जांच का आश्वासन देकर परिजनों को वापस कर दिया। परिजन की प्रभारी निरीक्षक से मुलाकात नहीं हो सकी वह कोतवाली में नहीं थे।
इसी क्रम में थाना गिरवां के सरस्वाह निवासी सुनील प्रजापति सिविल लाइन चौकी पहुंचे। यहां पर चौकी इंचार्ज से बातचीत के बाद परिजन प्रार्थना पत्र लेकर वापस लौट गए। उन्होंने अपनी तहरीर में विद्यालय प्रबंधक पर बेटे नितिन को जहरीला पदार्थ देने, लापरवाही बरतने, क्रूर व्यवहार करने जैसे आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जब 17 अगस्त की सुबह बेटे की तबियत खराब होने की खबर पर वह अस्पताल पहुंचे तो बेटे की जान जा चुकी थी। उसकी नाक से झाग निकल रहा था और आंखें नीली पड़ गई थी। मृतक छात्र नितिन के मामा सुनील ने बताया कि वह प्रार्थना पत्र लेकर चौकी पहुंचे थे, लेकिन कोई बातचीत नहीं होने के कारण वापस जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को कोतवाली में तहरीर देंगे। उन्होंने कहा कि दोनों परिवार प्रकरण की अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।
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कोतवाली और चौकी में पुलिस की बात से संतुष्ट नहीं हुए परिजन
बांदा। संवेदनशील प्रकरण में कोतवाली नगर पुलिस का रवैया बेहद ही लापरवाही भरा देखने को मिला। छात्र नितिन के मामा सुनील कुमार ने बताया कि सिविल चौकी पहुंचने और प्रार्थना पत्र देने पर वहां मौजूद पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन नहीं दिया। इसके बजाए उनसे कहा गया कि वह प्रबंधक को बुला रहे हैं और दोनों पक्ष आपस में बात करना चाह रहें हो तो कर लें। कुछ इसी तरह की बातचीत कोतवाली नगर में मौजूद सिपाही ने भी परिजनों से की और दोनों पक्ष को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराने का मशविरा दिया गया। जबकि परिजन प्रकरण में कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे थे तो उन्हें जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कहकर वापस कर दिया गया।
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वर्जन
प्रकरण की जानकारी है। पीड़ित पक्ष के आरोप और प्राप्त होने वाले साक्ष्यों के आधार आगे की कार्रवाई की जाएगी। - पलाश बंसल, पुलिस अधीक्षक, बांदा।