पावर हाउस में छिपकली ने मशीनों में फाल्ट कर दिया। इससे ओरन कस्बा सहित आसपास के करीब आधा सैकड़ा गांवों में 20 घंटे से अंधेरा है। पेयजल आपूर्ति बाधित होने से लोग बूंद-बूंद पानी को मोहताज हो गए। भीषण गर्मी में बोर्ड परीक्षार्थियों की तैयारियां भी बिना बिजली नहीं हो सकी।
ओरन कस्बे में 33 केवी पावर हाउस में रात 12 बजे बिजली गुल हुई तो 20 घंटे बाद भी नहीं आई। पावर हाउस में संविदा कर्मियों ने बताया कि ओएसडी में छिपकली घुस जाने से ट्रिप कर गई। मंडल मुख्यालय से कर्मचारियों को बुलाया गया। लेकिन मशीन दुरुस्त नहीं हो पा रही है। उप केंद्र से ओरन कस्बा समेत करीब 50 गांव जुड़े हैं। लगातार बिजली गुल होने से लोग गर्मी से बिलबिला उठे। सुबह की पेयजल आपूर्ति भी बाधित रही। इससे नगर व गांवों के लोग बूंद-बूंद पानी को तरस गए।
एसडीओ बबेरू आरपी मौर्या ने बताया कि पावर हाउस की मशीन में छिपकली की वजह से फाल्ट आ गई है। उन्होंने कर्मचारियों को लगाया है। जल्द ही लाइन दुरुस्त हो जाएगी। उधर, बिजली उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की।
लोगों का कहना है कि गर्मी में आए दिन लाइनों व मशीनों में फाल्ट से बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। कई-कई दिन सुधार नहीं किया जाता। नगर में बमुश्किल 4-6 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। जबकि बोर्ड परीक्षा के समय छात्र-छात्राओं को भारी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं।
रात में बिजली गुल होने से लोगों ने गर्मी से बचने के लिए छतों व मैदान में समय गुजारा। उधर, बांदा शहर में पीली कोठी फीडर से जुड़े आधा दर्जन मोहल्लों की बिजली सुबह पांच बजे गुल हो गई। पेयजल आपूर्ति के समय बिजली न आने से लोग पानी नहीं भर सके। गर्मी से पहले हैंडपंपों में रिबोर व मरम्मत भी नहीं कराई गई।
जिससे कई हैंडपंप ठप हैं। बिजली गुल होने से रविवार को सुबह डिब्बा-बाल्टी लिए पानी तलाशते रहे। अलीगंज की शिक्षिका राजदुलारी ने बताया कि नवरात्र का समय है। पानी न आने से पूजा-अर्चना में व्यवधान पड़ रहा है।