बांदा। किसान मेला और सोलर पंप वितरण कार्यक्रम महज औपचारिकता में निपट गया। अधिकांश अधिकारी कुछ क्षणों के लिए मेला में शामिल होने की रस्म अदा करके हौंसला योजना शुरू कराने गांवों को कूच कर गए। गिने-चुने कृषि विभाग के अफसरों ने औपचारिकता निभाई।
विकास भवन सभागार में बुधवार को किसान मेला का आयोजन हुआ। मत्स्य, कृषि, मृदा परीक्षण, कृषि रक्षा इकाई, भूमि संरक्षण विभागों ने स्टाल लगाए।। गोष्ठी में डीएम योगेश कुमार ने कहा कि किसान उन्नत नवीनतम तकनीक का प्रयोग कर बेहतर पैदावार लें। यहां के किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप मील का पत्थर साबित होंगे। संयुक्त कृषि निदेशक गणेश मणि त्रिपाठी ने अन्ना जानवरों की
सुरक्षा के लिए किसानों को सुझाव दिए। कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के डॉ.देव कुमार व कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ.वीके शर्मा ने अन्ना पशुओं से फायदे की बात बताई। सीडोओ आरके सिंह, डीडी कृषि उमेशचंद्र कटियार, महुआ ब्लाक प्रमुख शशि यादव ने भी संबोधित किया।
किसान गीता देवी (रिसौरा), रामरती (पड़मई), रामचंद्र (नरैनी), रामकिशोर (डिंगवाही), युसूफ (नसैनी), लालबहादुर (करतल), सुशीला देवी (पहाड़पुर) समेत 34 लाभार्थियों को सोलर फोटोवोल्टिक पंप का वितरण किया गया। गोष्ठी में किसानों के लिए जलपान व लंच पैकेट के इंतजाम किए गए। लेकिन कर्मचारियों ने ही इसमे ज्यादा हाथ साफ किया। तमाम किसान भूखे रह गए। डीएम व सीडीओ के मंच से उठते ही कृषि विभाग के अफसर भी चलते बने।