करतल। ननिहाल में किराये का कमरा लेकर रह रहे बबलू मिश्रा की अगवाकर धारदार हथियार से हत्या किए जाने के मामले में पुलिस के हाथ खाली हैं। दूसरे दिन भी पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। हालांकि चर्चा है कि पूछताछ के लिए दंपती समेत तीन लोगों को हिरासत में ले रखा है, लेकिन पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही। दूसरी तरफ परिजनों ने बताया कि पिता की हत्या, मां की मृत्यु और भाई के जेल जाने के बाद मृतक ने जमीन-जायदाद बेचकर पैतृक गांव छोड़ दिया था। लेनदेन के चलते हत्या की आशंका जताई गई।
मूलरूप से अतर्रा थाना क्षेत्र के तेरा-ब गांव का रहने वाला बबलू मिश्रा करीब तीन साल से करतल (नरैनी) गांव में किराये से रह रहा था। पार्टनरशिप में खरीदी बोलेरो चलाता था। रविवार को सुबह बिल्हरका गांव मार्ग में नहर पटरी में उसका सिर मिला।
धड़ कुछ दूर जर्जर कुएं में पाया गया। हत्यारोपियों की पहचान के लिए पुलिस ने घंटों मशक्कत की, लेकिन कोई सुबूत हाथ नहीं लगा। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों में चर्चा रही कि पुलिस तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए है। सीओ नितिन कुमार ने इस बात से इनकार किया। उनका कहना था कि अब तक खुलासा नहीं हुआ।
उधर, मृतक के फुफेरे भाई संजय द्विवेदी ने बताया कि पार्टनरशिप में काम करता था। करीब पांच लाख रुपये ब्याज में बांट रखा था। एक माह पूर्व कुछ जमीन भी खरीदी थी, लेकिन जमीन मालिक के गायब होने से उसकी लिखा पढ़ी नहीं हो सकी। उसका ट्रैक्टर भी गायब है। बताया कि पिता की कई वर्षों पूर्व हत्या हो गई थी।
मां की भी मृत्यु हो चुकी। छोटा भाई लगभग आठ साल से जेल में है। बबलू ने करीब 15 साल पूर्व पैतृक गांव (तेरा-ब) की पूरी लगभग 25 बीघा जमीन बेच दी थी और परदेस चला गया था। उसकी परिवार में किसी से नहीं बनती थी। तीन साल पहले ही करतल में आकर बस गया था। वह अविवाहित था।