बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में परीक्षकों को लापरवाही महंगी पड़ेगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने मूल्यांकन कार्य को अनिवार्य माना है। इस बीच किसी तरह का बहाना नहीं चलेगा।
उप मुख्य परीक्षक और परीक्षकों को हर हाल में ड्यूटी करनी होगी। उधर, मूल्यांकन केंद्र जीआईसी और बजरंग इंटर कालेज में बाहरी जनपदों से कापियों की खेप आना शुरू हो गई है। जीआईसी में अब तक इंटर की करीब 80 हजार और बजरंग में हाईस्कूल की करीब 50 हजार कापियां आ चुकी हैं।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 30 मार्च से शुरू हो रहा है। यह 15 अप्रैल को खत्म होगा। इस बीच माध्यमिक विद्यालयों में एडमीशन प्रक्रिया भी शुरू रहेगी। पहली अप्रैल से रोजाना सुबह 7 से 10 बजे तक एडमीशन होंगे। इसके बाद टीचर मूल्यांकन कार्य में जुट जाएंगे। मूल्यांकन सुबह 10 से शाम 5 बजे तक होना है।
उधर, माध्यमिक शिक्षा सचिव ने कहा कि मूल्यांकन कार्य अनिवार्य है। ऐसे में टीचरों को लापरवाही महंगी पड़ेगी। 30 मार्च को सभी टीचरों को अपने-अपने मूल्यांकन केंद्रों पर उपस्थिति दर्ज करानी होगी। यदि डीएचई या एक्जामनर गायब मिले तो उन पर कार्रवाई होगी।
उधर माध्यमिक शिक्षक संघ चित्रकूटधाम मंडल मंत्री मेजर मिथलेश कुमार पांडेय ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान का हवाला देकर कहा है कि पहले चरण में 30 व 31 मार्च और पहली अप्रैल को बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार किया जाएगा।
डीआईओएस, एनडी वर्मा ने कहा किअप्रैल से शुरू हो रहे नए शिक्षा सत्र के मद्देनजर बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को निर्धारित अवधि में ही पूरा कराया जाएगा। सचिव ने परीक्षकों को सख्त हिदायत दी है। बिना कोई जानकारी दिए गायब रहने वाले परीक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।
जीआईसी में 12 जनपदों की जंचेंगी कापियां
जीआईसी बांदा में 12 जनपदों की इंटर की करीब एक लाख 40 हजार कापियों का मूल्यांकन होना है। करीब 80 हजार कापियां आ चुकी हैं। शेष कापियां भी आ रही हैं। डीएचई (उप मुख्य परीक्षक) की 38 टोलियां कापियां जाचेंगी। इनके सहयोग में 288 परीक्षक लगाए गए हैं। जनरेटर की व्यवस्था न होने से यहां गर्मी में परीक्षकों को पसीना बहाना पड़ेगा।
उप नियंत्रक संतोष कुमार देव पांडेय ने बताया कि दो कोठार केंद्र बनाए गए हैं। कोड नंबर के आधार पर दोनों में कापियां जमा की जा रही हैं। परीक्षकों के लिए हर कक्ष में पेयजल के लिए पानी के घड़े रखाए जा रहे हैं।
लाइट जाने पर खिड़कियां खोल ली जाएंगी। परीक्षा प्रभारी रामरतन राजपूत, कालिका प्रसाद पाल, दयाराम व राजेंद्र प्रसाद को मूल्यांकन की तैयारियों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बजरंग में छह जिलों की जांची जाएंगी कापियां
आदर्श बजरंग इंटर कॉलेज में हाईस्कूल एक लाख 30 हजार कापियों का आवंटन हुआ है। यहां छह जिलों की कापियां जांची जाएंगी। उप नियंत्रक मेजर मिथलेश कुमार पांडेय ने बताया कि 39 डीएचई और 384 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
यहां तीन वाटर कूलर लगाए गए हैं। कक्षों के बाहर घड़े भी रखे जाएंगे। लाइट जाने पर दो जनरेटरों की व्यवस्था रहेगी। 30 को सभी डीएचई और परीक्षकों की 12 बजे मीटिंग होगी। डीआईओएस और उप नियंत्रक उन्हें मूल्यांकन से संबंधित टिप्स देंगे। इस दिन सिर्फ डीएचई 20-20 कापियां टेस्ट के तौर पर जांचेंगे।