बांदा। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के चंद घंटों बाद ही अगले दिन रविवार को जश्ने ईद मीलाद मनाया जाएगा। मुख्यालय सहित कस्बों में जुलूसे मोहम्मदी निकलेंगे। पूर्व संध्या में शनिवार को जश्ने चिरागा के तहत अधिकांश इलाके बिजली की आकर्षक सजावट से जगमगा उठे।
मस्जिदें भी रोशन की गई हैं। जुलूसे मोहम्मदी दोपहर 2 बजे शुरू होकर निर्धारित रास्तों से गुजरकर देर रात खत्म होगा। प्रशासन और पुलिस ने इसके लिए सुरक्षा और शांति व्यवस्था के काफी इंतजाम किए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया जा रहा है।
इस्लामी कैलेंडर के रबी अव्वल माह की 12वीं तारीख को मनाया जाने वाला पैगंबरे इस्लाम का यौमे विलादत (जन्मदिन) की तैयारियां कई दिनों से चल रही हैं। मुख्य आकर्षण जुलूसे मोहम्मदी रहेगा। यह रविवार को दोपहर बाद कालवनगंज स्थित शेख सरवर की मस्जिद के पास से रवाना होगा। जुलूस में आधा सैकड़ा से ज्यादा छोटे-बड़े हरे परचम और धार्मिक झांकियां होंगी। छिपटहरी, मर्दन नाका, कुंजरहटी, मनोहरीगंज, शंकर गुरु चौराहा, छावनी, गूलरनाका, अमर टाकीज तिराहा, जामा मस्जिद रोड, अलीगंज आदि निर्धारित रूटों से देर रात अलीगंज चौकी चौराहे पर समाप्त होगा।
रायफल क्लब ग्राउंड में आतिशबाजी का प्रदर्शन होगा। उधर, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर जुलूस में शांति और सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए जा रहे हैं। मरकजी कमेटी के मौलाना मेराज मसूदी अकील मियां, हाजी गुलाम मुस्तफा, ईदगाह व जामा मस्जिद मुतवल्ली शेख सादी जमां, डा.मोहम्मद शोएब, अब्दुल वहीद, जिला पंचायत पूर्व अध्यक्ष शकील अली, पूर्व डीडीसी मोहम्मद इदरीस, एआईएमआईएम अध्यक्ष और रबी अव्वल मर्दननाका कमेटी अध्यक्ष वाजिद अली आदि ने जुलूस में शामिल होने वाले अकीदतमंदों से कहा है कि पूरे अदब, एहतेराम और अनुशासन के साथ शामिल होकर जुलूस की रौनक बनें।