बिगहना गांव में किसानों के साथ गोष्ठी करते कृषि विशेषज्ञ।
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उत्थान-अ स्टार्टअप के तहत किसानों को स्वरोजगार और उद्यमिता के प्रति प्रेरित किए जाने के चल रहे अभियान की श्रृंखला में रविवार को महुआ ब्लाक में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को कृषि आधारित व्यवसाय के उपाय बताए।
बिगहना गांव में आयोजित गोष्ठी में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के कृषि विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस क्षेत्र में होने वाली फसलों से ही उद्यम के रास्ते निकाले जा सकते हैं। उन्होंने बीज आधारित, धान आधारित और जैविक निवेश उत्पादन आदि को लेकर क्षेत्रीय किसानों में व्याप्त जिज्ञासाओं और प्रश्नों के उत्तर देकर उनका समाधान किया।
प्रेरित किया कि कृषि आधारित व्यवसाय से उद्यम लगाएं। बैठक में जगदीश (महिम फाउंडेशन, हैदराबाद) और अखिल भारतीय समाज सेवा संस्थान सचिव गोपाल भाई तथा डॉ. मुलायम सिंह ने भी किसानों को उद्यमिता के प्रति प्रेरित करते हुए व्यवसायिक खेती पर जोर दिया। प्रगतिशील किसान प्रहलाद करवरिया भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों से उन्होंने किसी भी रसायन का प्रयोग नहीं किया। गोष्ठी में किसानों ने गाय के गोबर और गोमूत्र आदि से जैविक निवेश उत्पादक उद्यम अपनाने पर सहमति जताई। गोष्ठी में आसपास के गांव जमरेही, मकरी, बिलगांव आदि के किसान भी उपस्थित थे।