सोमवार से शुरू हुई बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से स्थिति बेकाबू होते देख अफसर बैकफुट पर आ गए। मंगलवार को दोपहर बाद अफसरों ने कर्मचारी संघ के नेताओं से बातचीत की। कई मांगों के पूरा होने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी।
मंगलवार को दोपहर उप जिलाधिकारी सदर विनय कुमार पाठक और अधीक्षण अभियंता एके सक्सेना के अलावा बिजली कर्मचारी संघ के जोनल मंत्री मोहम्मद सुभान, आलोक शर्मा, अनिल यादव आदि के बीच अधीक्षण अभियंता कार्यालय में वार्ता शुरू हुई।
कई घंटे तक चली वार्ता के बाद कारपोरेशन के अफसरों ने बांदा-चित्रकूट के लगभग 290 कर्मचारियों के ईपीएफ खाते खोलने की मांग मान ली। अन्य कर्मियों के खाते एक माह में खोलने का भरोसा दिया। बिजली कर्मियों की यह एक प्रमुख मांग थी।
संविदा कर्मियों का वर्ष 2013 से बकाया वेतन दिए जाने के मामले में एसडीएम ने तत्काल फोन पर पावर कारपोरेशन के प्रबंधक निदेशक (आगरा) से बात की। निदेशक ने इसी माह भुगतान का भरोसा दिया। मृतक/सेवानिवृत्त और नियमित कर्मचारियों का बकाया एरियर और प्रमोशन संबंधी मामले एक माह में निपटाने का भरोसा दिया।
अफसरों ने किसी भी हड़ताल कर्मचारी का उत्पीड़न न करने का आश्वासन दिया। इस पर बिजली कर्मचारी नेताओं ने हड़ताल खत्म करने का एलान किया। वार्ता में बिजली कर्मी सुरेश कुमार सिंह, मोहन स्वरूप श्रीवास्तव, मुकेश श्रीवास्तव, आलोक मिश्रा, रवींद्र पुष्पक, जमाल अहमद, रियाज अली, शफीक, हामिद अली, खुर्शीद, पप्पू रजा, रवि निरंजन, विजय कुमार आदि भी शामिल रहे।
हड़ताल खत्म होते ही लगभग दो दर्जन बिजली कर्मी 8 टीमों में बंटकर शहर के फुंके ट्रांसफार्मर बदलने और फाल्ट दुरुस्त करने में जुट गए। बिजली आपूर्ति सामान्य होना शुरू हो गई। मंडल के चित्रकूट, महोबा और हमीरपुर जिलों में भी हड़ताल खत्म हो गई और कर्मचारी काम पर लौट आए।