किसान की जान लेने के बाद जंगल में चिंघाड़ता हाथी।
- फोटो : अमर उजाला
गर्मी में हाथी का पारा भी चढ़ गया। नजदीक से गुजर रहे किसान को सूंड़ में लपेटकर पटक दिया। कुछ ही देर बाद मेडिकल कालेज में उसकी मौत हो गई। हाथी को महावत ने बमुश्किल काबू में किया। 22 दिन मेें जिले में हाथी के हमले की दूसरी घटना है।
बुंदेलखंड में कहर बरपाने वाली गर्मी से जनमानस के साथ पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। बौखलाहट के साथ आक्रामक हो रहे हैं। ताजी घटना में पैलानी थाना क्षेत्र के खरेई गांव में शनिवार को सुबह करीब 10 बजे लगभग 60 वर्षीय किसान नंदन मवेशी लेकर सांड़ी गांव से उसरा डेरा होते हुए पड़ोसी पुरवा सरेई में जंगल की तरफ जा रहा था।
इसी दौरान वहां घूम रहे हाथी ने नंदन को सूंड़ में लपेटकर जमीन पर पटक दिया और कुचलने की कोशिश की। नजदीक में मौजूद हाथी के महावत ने नुकीले बल्लम से हाथी को काबू में किया। किसान नंदन कोरी को गंभीर हालत में बांदा मेडिकल कालेज लाया गया। यहां कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। मृतक नौ बीघा का काश्तकार था। बेटे स्वामी प्रसाद ने मेडिकल कालेज में बताया कि हाथी के महावत से समझौता हो जाने पर पोस्टमार्टम आदि नहीं कराया गया है। खप्टिहाकलां प्रतिनिधि के मुताबिक स्थानीय चौकी पुलिस का कहना है कि मृतक की ओर से कोई तहरीर आदि नहीं दी गई।
गौरतलब है कि गर्मी के मौसम में यहां हाथी के हमले की 22 दिनों के अंदर यह दूसरी घटना है। इसके पूर्व पिछले माह 29 मई को बबेरू कोतवाली क्षेत्र बरौली आजम गांव में हैंडपंप में नहाने गई 35 वर्षीय देवरती को वहां मौजूद हाथी ने दौड़ा लिया। वह नजदीक में बनी कच्ची कोठरी में घुस गई। बौखलाए हाथी ने अंदर घुसकर उसे सूंड़ में लपेट लिया और पटखनी लगा दी। साथ के साथ चल रहे छह महावतों ने भाले से हाथी को काबू में किया। घायल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।