बांदा। दुराचार के आरोपी को अदालत ने आठ साल का सश्रम
कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। अतर्रा थाना क्षेत्र
निवासी दलित किशोरी के पिता ने 17 नवंबर 2007 को थाने में दी तहरीर में कहा
था कि गांव के पप्पू शर्मा ने उसकी पुत्री को घर में अकेले पाकर सीने में
तमंचा अड़ा दिया और उठा ले गया।
पत्नी के साथ वह दुकान से घर
पहुंचा तो पुत्री को गायब देख खोजबीन की। सुबह खेत से लड़की को रोते हुए
आते देखा। उसने बताया कि पप्पू ने उसके साथ दुराचार किया।
आरोप
पत्र दाखिल होने के बाद मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट)
की अदालत में हुई। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी राघवेंद्र सिंह सेंगर ने सात
गवाह पेश किए।
दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस और पत्रावली में
उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश हरीनाथ पांडेय ने आरोपी
पप्पू शर्मा को दुराचार का दोषी पाते हुए सजा व जुर्माना से दंडित किया।
जुर्माना आरोपी द्वारा पूर्व में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।