बांदा। माफिया मुख्तार अंसारी से पहले यारी और अब दुश्मनी जेल अधिकारियों को भारी पड़ रही है। एक बार फिर माफिया मुख्तार ने जेल अधिकारियों पर खाने में जहर देकर मारने का आरोप लगाया है।
माफिया मुख्तार अंसारी को लेकर बांदा जेल हमेशा सुर्खियों में रहीं है। वर्ष 2016 में मुख्तार अंसारी बांदा जेल आया था। शुरुआती दिनों में मुख्तार से यारी पर कई जेल अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी। वर्ष 2017 में प्रोटक्शन वारंट पर पंजाब जेल भेजने के मामले में तत्कालीन जेलर रंजीत सिंह व डिप्टी जेलर तारकेश्वर प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया था। सात जून 2022 को तत्कालीन डीएम के निरीक्षण में वीवीआईपी खाने का सामान मिलने पर डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप सहित चार बंदी रक्षक निलंबित कर दिया था। प्रभारी जेल अधीक्षक वीरेंद्र कुमार वर्मा का तबादला सेंट्रल जेल फतेहगढ़ कर दिया।13 जुलाई 2023 को उन्हें भी इसी मामले में निलंबित कर दिया है। इसके पूर्व 4 अप्रैल 2023 को मुख्तार से यारी पर अधीक्षक अविनाश गौतम को निलंबित कर दिया गया था।
इसके बाद जेल में सख्ती बढ़ी और मुख्तार की सभी गैर कानूनी सुविधाएं बंद हो गई। अब वहीं जेल अधिकारी मुख्तार को दुश्मन नजर आने लगे। चार अप्रैल के बाद से मुख्तार लगातार जेल अधिकारियों पर कभी हत्या की साजिश करने तो कभी जहर देने और इलाज न कराने के आरोप लगा रहा है। एक बार फिर उसने गुरुवार को मुख्तार ने जरिए वकील के माध्यम से बाराबंकी की एमपी एमएलए कोर्ट में जेल अधिकारियों पर जहर देकर मारने का आरोप लगाया है। कहा कि उसे खाने में जहर दिया जा रहा है। इससे उसके शरीर में दर्द, अकड़न, घबराहट आदि हो रही है। कहने के बाद भी इलाज भी नहीं कराया जा रहा है।