बांदा। नौ वर्षीय भतीजी के साथ दुष्कर्म के दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश ने शुक्रवार को 20 वर्ष की कै द और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। जुर्माना न देने पर एक वर्ष और जेल में रहना होगा।
एडीजीसी रामसुफल सिंह और कमल सिंह के मुताबिक, अतर्रा थाना क्षेत्र के एक गांव में 31 अक्तूबर 2019 की शाम करीब सा बजे मंदिर के पास खेल रही अपनी रिश्ते की भतीजी को बच्चा उर्फ दिलीप उठा ले गया और नजदीक में अपने दाई के सुनसान घर में हाथ पैर बांधकर दुष्कर्म किया। करीब तीन घंटे बाद उसके चंगुल से छूटी बालिका घर पहुंची और जानकारी दी। बालिका का पिता गुजरात में मजदूरी के लिए गया हुआ था। मां ने दो नवंबर को अतर्रा थाने में दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को 5 नवंबर को जेल भेज दिया।
विवेचना के बाद आरोपपत्र दाखिल किया। एडीजीसी रामसुफल सिंह व कमल सिंह ने पांच गवाह पेश किए। हालांकि, बालिका और उसकी मां अदालत में मुकर गईं, लेकिन लैब से आई रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने दोषी को पाक्सो एक्ट में 20 वर्ष की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना। धारा 342 में एक वर्ष की कैद एक हजार जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर एक माह और जेल में रहना होगा। 80 फीसदी जुर्माना राशि बालिका को दी जाएगी।
चेक बाउंस के आरोपी की अपील खारिज
5.30 लाख का चेक बाउंस होने पर आरोपी योगेंद्र कुमार द्वारा विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट की अदालत में दायर अपील खारिज हो गई। उसे विशेष मजिस्ट्रेट के सामने हाजिर होने के लिए 10 दिन की मोहलत दी गई है। विशेष मजिस्ट्रेट की अदालत से छह लाख रुपये जुर्माना व एक वर्ष की कैद हुई थी।