बांदा। देश में भले ही नफरत फैलाने की बातें चल रही हों लेकिन हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल शहर में पेश की जा रही है। पैंगबर-ए-इस्लाम की यौमे पैदाइश पर जुलूस का स्वागत हिंदू धर्मावलंबी करेंगे। केंद्रीय दुर्गा महोत्सव समिति ने यह निर्णय लिया है।
कौमी एकता के लिए बांदा अक्सर सुर्खियों में रहता है। नवरात्र पर मंदिर में प्रसाद और दुर्गा प्रतिमा जुलूस में लंच पैकेट मुस्लिम ने बांटे थे। मोहर्रम में हिंदू लंगर करते और ढाल उठाते हैं। इन दिनों जब देश में नफरत फैलाने वाली राजनीति चल रही है ऐसे में मंगलवार को बांदा केंद्रीय पूजा महोत्सव समिति (दुर्गा महोत्सव) की बैठक में अध्यक्ष सत्तीदीन शिवहरे ने कहा कि पैगंबर के जन्मदिन पर मुस्लिम वर्ग जश्न मनाता और रोशनी करता है।
गंगा-जमुनी तहजीब को देखते हुए ईदमिलाद पर सहयोग किया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि जुलूस का जगह-जगह स्वागत किया जाए। बैठक में अमित सेठ भोलू ने पालीथिन के इस्तेमाल पर प्रदेश सरका द्वारा लगाई गई रोक का स्वागत किया। व्यापारियों से इसमें सहयोग देने को कहा।
प्रवक्ता सत्त प्रकाश ने कहा कि 23 दिसंबर से महेश्वरी देवी चौराहे पर बाक्स रखकर गरीब असहाय लोगों के लिए गर्म कपड़े इकट्ठा किए जाएंगे। आम लोग इसमें सहयोग करें। बैठक में श्यामलाल गुप्ता, बीके सिंह (बड़े भइया), नईम नेता, मनोज जैन, कमलेश गुप्ता, चारूचंद खरे, कल्लू राजपूत, अनुराग गुप्ता, स्वदेश शिवहरे, अभिषेक, मनीष गुप्ता, भोला साहू, सुल्लू महाराज, रामबाबू गुप्ता, शिव कुमार आदि शामिल रहे।