फसल की तबाही, कर्ज से परेशान किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। रबी की फसल के बाद अब खरीफ में सूखे से वह तनाव में था। उस पर तीन लाख रुपया बैंक का और साहूकारों का कर्ज था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
सदर तहसील और देहात कोतवाली क्षेत्र के चहितारा गांव निवासी रमेशचंद्र पांडेय (45) पुत्र बासदेव सोमवार रात फांसी लगाकर जान दे दी। मंगलवार को सुबह घरवालों ने उसका शव कमरे की सीलिंग हुक में नायलोन की रस्सी से टंगा देखा।
घटना की सूचना पर बलखंडी नाका चौकी पुलिस आई और शव को कब्जे मेें लेकर पंचनामा करने के बाद पोस्टमार्टम को भेज दिया। मृतक किसान का पुत्र प्रिंस बांदा में इंजीनियरिंग कालेज का छात्र है। दूसरा पुत्र कान्वेंट स्कूल में पढ़ता है।
इंजीनियरिंग छात्र प्रिंस ने बताया कि लगभग पांच साल से दैवी आपदा के चलते खेती में पैदावार न होने से घर चलाना मुश्किल हो रहा है।
इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, भवानी पुरवा शाखा से 3 लाख रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड का कर्ज और साहूकारों का कर्ज था। इन्हीं हालात से तंग आकर उसके पिता ने आत्महत्या कर ली। मृतक के नाम लगभग 60 बीघा जमीन है। एसडीएम विनय कुमार पाठक ने बताया कि लेखपाल को ब्योरा पता करने के लिए गांव भेजा गया है।