फसल सूखने के सदमे से दो किसानों की मौत हो गई। दोनों पर बैंक व रिश्तेदारों का कर्ज था। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया।
पैलानी तहसील क्षेत्र के महेदू (चिल्ला) गांव निवासी किसान गनेश (50) पुत्र रामसनेही गुरुवार को सुबह फसल देखने खेत गया था। खेत में मुरझाई फसल और तिल का फूल सूखा देखकर उसे सदमा पहुंचा। घर आते ही बेहोश होकर गिर गया।
परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। यहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम हाउस में मृतक के पुत्र प्रेम ने बताया कि दो भाई छोटू व रामबाबू माता-पिता के साथ रहते हैं। पिछले साल छोटू को गंभीर मामले में फंसा दिया गया था।
उसकी पैरवी में लगभग एक लाख रुपये खर्च हो गए। इसमें कर्ज हो गया था। पत्नी प्यारी ने बताया कि मृतक के नाम बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड का 40 हजार रुपये कर्ज है।
लगभग डेढ़ लाख रुपये रिश्तेदारों से कर्ज ले रखा है। खर्च के लिए भैंस 30 हजार रुपये में बेंच दी। एसडीएम मनोज सिंह ने बताया कि जांच के लिए नायब तहसीलदार को भेजा गया है।
उधर,अतर्रा तहसील क्षेत्र के सिकलोढ़ी (बिसंडा) गांव निवासी शिव प्रसाद कोटार्य (55) पुत्र गंगा गुरुवार को खेत में फसल सूखते देख कर वह खेत में बेहोश होकर गिर गया।
आसपास मौजूद किसान उसे उठाकर घर लाए। कुछ में ही देर में उसकी मौत हो गई। ग्राम प्रधान हिम्मत सिंह व ग्रामीणों ने लेखपाल को घटना की सूचना दी।
पत्नी उज्जी ने बताया कि मृतक के नाम ढाई बीघे जमीन है। एसडीएम आरके श्रीवास्तव ने बताया कि तहसीलदार राजेश कुमार मिश्रा को मृतक के घर भेजा था।
परिजनों का कहना है कि शाम तक कोई अधिकारी नहीं आया। पत्नी ने बताया कि मृतक पर इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, पुनाहुर शाखा से 40 हजार रुपये कर्ज है। दो साल से पैदावार न होने से रिश्तेदारों और गांव के लोगों से कर्ज ले रखा है।