अतर्रा तहसील में समस्या सुनते डीएम, एसपी व अन्य अधिकारी। स्रोत: प्रशासन
अतर्रा (बांदा)। बरछा-ब गांव निवासी पिंकी, कमला, रामू, राजा, श्याम लाल, रत्ना, छोटू आदि ने डीएम को बताया कि गांव में 50 साल पुराने आम रास्ते पर कुछ लोगों ने अपने निजी लाभ के लिए नाला का निर्माण शुरू कर दिया और रास्ता बंद हो गया। गांव के लोग उस रास्ते पर आते हैं तो उन्हें रोका जाता और मना करने पर विवाद होने लगता है। डीएम ने प्रकरण की जांच कर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बांदा में सोमवार को अतर्रा तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें जिलाधिकारी अमित आसेरी व पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल पहुंचे। इसके साथ ही जिला स्तरीय अन्य अधिकारी भी यहां शामिल हुए। अतर्रा में 167 प्रार्थना पत्र पहुंचे। इसमें केवल सात का मौके पर निस्तारण किया जा सका। थनैल गांव निवासी अवनीश, कामता, श्रीपाल ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि गांव को जाने वाली नहर में बने साइफन और उससे जुड़े नाले की कई सालों से सफाई नहीं हो सकी है।
नहर विभाग की ओर से सफाई नहीं होने से गांव का पूरा पानी नाले के जरिये साइफन से होकर नहर से निकलता है। गंदगी होने से पिछले साल बरसात का पानी पूरे गांव में भर गया था। डीएम ने कार्यकारी अभियंता केन, कैनाल को सप्ताहभर में साइफन व नाले की सफाई कराने को कहा। शिकायतों में राजस्व विभाग की 121, पुलिस विभाग की 15, विकास विभाग की छह व 25 अन्य मामलों की शामिल रही।
वहीं तहसील पैलानी के सभागार में सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ। इसमें उप जिलाधिकारी अंकित वर्मा व क्षेत्राधिकारी सदर सौरभ सिंह शामिल हुए। यहां पर 53 शिकायतें हुई। जिनमें पांच का निस्तारण किया गया।