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डेड स्टोर बांध से चलाई नहर, नहीं भर पाएंगे तालाब

Sat, 05 May 2018 10:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
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बांदा शहर के पास पल्हरी में केन नहर का नजारा। - फोटो : अमर उजाला
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बांधों की तलहटी पर बचे-खुचे पानी से गर्मियों में पशुओं की प्यास बुझाने के लिए तालाब भरने की योजना पर भी पानी फिर गया। बरियारपुर बांध से शुक्रवार को केन नहर में पानी चालू कर दिया गया, लेकिन इसमें कोई दम नहीं है। पानी का गेज इतना कम है कि यह नहरों में ही सिमट जाएगा। तालाबों तक नहीं पहुंच पाएगा। मात्र दो दिन और नहर चल पाएगी।

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गंगऊ, रनगवां और बरियारपुर बांध पिछले माह ही डेड स्टोर की स्थिति पर पहुंच गए थे। बारिश न होने से इनका जल भंडार नहीं भर पाया था। तलहटी पर बचे पानी को गर्मियों में पशुओं के लिए तालाब भरने के लिए आरक्षित कर दिया गया था। सिंचाई कार्य मंडल तृतीय ने शनिवार को बरियारपुर बांध से मुख्य केन नहर चालू कर दी।

हालांकि यह मात्र 2.6 फीट गेज से चालू की गई है। यानी नहर का फाटक करीब ढाई फीट ऊपर उठाया गया है। इससे मात्र 440 क्यूसिक पानी केन नहर में गिर रहा है, जो काफी नहीं है। टेल तक दूसरे दिन भी पानी नहीं पहुंच पा रहा। सिंचाई कार्य मंडल तृतीय के अधिशासी अभियंता मोतीलाल ने स्वीकारा कि नहर इतनी क्षमता से नहीं चलाई जा पा रही, जिससे पूरी पंसाल से पानी चले और तालाबों को भरा जा सके। अलबत्ता नहर में पानी आ जाने से पशु प्यास बुझा सकेंगे।  
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तीनों बांधों में जलस्तर डेड स्टोर पर 
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के तीन प्रमुख बांधों गंगऊ, रनगवां और बरियारपुर में पानी का जबरदस्त अकाल है। कई महीनों से बांधों के जल संग्रह क्षेत्रों (इनकैचमेंट एरिया) में बारिश न होने से बांधों को पानी नहीं मिल पा रहा। तीनों बांध मध्य प्रदेश के छतरपुर और पन्ना जिले में हैं। तीनों बांधों के रखरखाव का जिम्मा सिंचाई विभाग बांदा के पास है।

बांध की मुख्य केन नहर को इन्हीं बांधों से पानी मिलता है। शनिवार को इन बांधों में पानी की स्थिति यह थी कि गंगऊ का जल स्तर 692 फीट था। इसमें मात्र 1.48 एमसीएफटी (मिलियन क्यूबिक फिट) उपलब्ध है। रनगवां बांध का जल स्तर 724.1 फीट था। इसमें 414 एमसीएफटी पानी है। बरियापुर बांध/वीयर का जल स्तर 601.05 फीट पर है। इसमें मात्र 55.25 एमसीएफटी पानी है। इस पानी से केन नहर बमुश्किल दो दिन और चल पाएगी। 

बांध से चला ढाई फीट पानी, टेल में पहुंचा दो फीट 
बांदा। मुख्य केन नहर में जगह-जगह कटान, टूट-फूट और सिल्ट पानी के बहाव में रोड़ा बन गए हैं। बांध से ही कम क्षमता में चल रहा पानी आगे बढने के साथ-साथ कमजोर पड़ता जा रहा है। नरैनी क्षेत्र के पनगरा गांव के पास स्थित मेन केनाल के टेल में मात्र दो फीट पानी पहुंचा है। इसी टेल से बांदा और अतर्रा ब्रांच बंटी हैं। अतर्रा ब्रांच में दो फीट (286 क्यूसिक) और बांदा ब्रांच में 1.8 फीट (63 क्यूसिक) मात्र पानी पहुंच पा रहा है। नरैनी प्रतिनिधि के मुताबिक पनगरा टेल मेन में भारी मात्रा में कचरा बहकर आ जाने से नहर का पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा। यहां के अवर अभियंता और सहायक अभियंता का कहीं अता-पता नहीं हैं। 

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