बांदा। अंधविश्वास का फायदा उठाकर ठगी करने वाले शातिरों ने एक महिला को जिला अस्पताल में अपना शिकार बनाया। साधु के वेश में आए दो युवकों ने महिला को उसके परिवार पर संकट और अनिष्ट का डर का झांसा दिया। इसके बाद पूजा-पाठ के नाम पर उसके जेवर उतरवाकर मौके से फरार हो गए। पीड़िता ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के अरबई निवासी रामप्यारी, जो स्वास्थ्य विभाग में आशा बहू के पद पर तैनात है। वह शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे जिला अस्पताल पहुंची। जहां अस्पताल परिसर में स्थित एसबीआई एटीएम के सामने साधु के भेष में दो युवक मिले। दोनों ने महिला से कहा कि उसके घर में भारी परेशानी और अशुभ प्रभाव चल रहा है।
यदि उनकी बात नहीं मानी गई तो पूरे परिवार का विनाश हो सकता है। उनकी बातों में आकर महिला डर गई। आरोपियों ने पूजा-पाठ कर संकट टालने का भरोसा दिया और उससे पैरों की पायल, कान के बालियां तथा मंगलसूत्र उतरवाकर एक लाल घेरे के भीतर रखने को कहा। इसके बाद दोनों कुछ देर तक मंत्रोच्चार और पूजा का दिखावा करते रहे।
जिसके बाद आरोपियों ने उसे निर्देश दिया कि वह सौ कदम आगे जाकर खड़ी हो जाएं और किसी भी हालत में पीछे मुड़कर न देखे, अन्यथा पूजा निष्फल हो जाएगी और अनर्थ हो सकता है। भय और श्रद्धा के मिश्रण में महिला उनकी बात मानकर आगे बढ़ गई।
जब वह सौ कदम चलने के बाद वापस लौटी तो वहां न साधु थे और न ही उसके जेवर। अपने साथ हुई ठगी का एहसास होते ही महिला के होश उड़ गए। आसपास तलाश करने पर भी दोनों का कोई पता नहीं चला। पीड़िता ने सिविल लाइंस चौकी पहुंचकर लिखित शिकायत दी पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। प्रारंभिक तौर पर इसे साधु के भेष में ठगी करने वाले गिरोह की करतूत माना जा रहा है। कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।