बांदा। संदिग्ध हालात में बीएमएस डाक्टर की मौत हो गई। परिजन कोरोना से मौत की आशंका जताकर जांच की मांग कर रहे थे, लेकिन नरैनी सीएचसी में शव की सैंपलिंग की व्यवस्था नहीं है। डॉक्टरों ने शव मेडिकल कालेज ले जाने की सलाह दी।
शव खराब होने की आशंका पर परिजनों ने बिना जांच के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों के मुताबिक मृतक को पीजीआई लखनऊ से लौटने के बाद सांस लेने में दिक्कत थी।
नरैनी सीएचसी क्षेत्र के सुभाष नगर निवासी डॉ. राजकुमार (62) पुत्र रसिकचंद्र को गंभीर हालत में रविवार को सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देर रात उनकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर वापस घर चले गए। बाद में मृतक के पुत्र डॉ. राहुल सरकार ने कोरोना जांच की मांग की।
राहुल के मुताबिक सीएमओ ने सैंपलिंग के लिए शव बांदा मेडिकल कालेज लाने को कहा, लेकिन गर्मी की वजह शव खराब होने लगा था। इस कारण उन्होंने शव बांदा ले जाने से इनकार कर दिया और अंतिम संस्कार कर दिया। बताया कि उनके पिता की किडनी ट्रांसप्लांट हुई थी। 6 जून को पिता पीजीआई लखनऊ दिखाने गए थे।
लौटने पर उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो गई थी। बताया कि अब वह खुद और परिवार के सदस्यों की नरैनी सीएचसी में कोरोना जांच कराएंगे। डॉ. राहुल ने यह भी बताया कि पिता राजकुमार नरैनी में प्राइवेट प्रैक्टिस करते थे।