बांदा। बेटियों को कम आंकना नासमझी हैं। ये किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। घर का चौका हो या प्लेन और ट्रेन चलाने का हुनर। सब में महारथ का शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। कई क्षेत्रों में तो यह दूसरे के रोजगार का माध्यम बन रही हैं। यह बात भारत सरकार के कौशल विकास मिशन द्वारा संचालित जन शिक्षण संस्थान के निदेशक अरुण कुमार ने अमर उजाला द्वारा आयोजित अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स की गोष्ठी में कही। यहां प्रशिक्षण ले रहीं छात्राओं ने शपथ ग्रहण की।
संस्थान के स्वराज कालोनी स्थित कार्यालय में आयोजित गोष्ठी में अनुदेशक सीता तिवारी ने कहा कि शिक्षा हो या व्यवसाय बेटियां खूब नाम कमा रही हैं। भारत सरकार ने कौशल विकास मिशन के तहत बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित की हैं।
प्रदेश में एक करोड़ से अधिक युवा-युवतियां कंप्यूटर, ब्यूटीशियन, सिलाई, कढ़ाई आदि प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का व्यवसाय कर परिवार की सहारा बनी हैं। अनुदेशक पूनम ने कहा कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। छात्रा प्रियंका मिश्रा ने कहा कि बेटियों के प्रति भेदभाव की सोच बदलनी चाहिए। उन्हें पढ़ाकर लिखाकर समाज के निर्माण के काबिल बनाएं। छात्रा सारिका ने भी संबोधित किया।
गोष्ठी में छात्राओं को संस्थान के निदेशक ने नारी गरिमा को अक्षुण्ण रखने और हर मौकों पर नारी के प्रति सम्मान की शपथ ग्रहण कराई। कार्यक्रम में नेहा सिंह, प्रिया सिंह, रोशनी, शिखा, शिवा, पालय, शिवांगी, सपना देवी, प्रांजलि गुप्ता, गोल्डी, शिखा पाल, राखी, दिव्यानी, स्वाती, निधि, आरती पटेल, प्रिया सिंह, सोनल सिंह, अंजू पाल, कर्मचारी मयंक सिंह, सौम्य खरे, लक्ष्मीकांत, संजय पांडेय, शैलेंद्र गुप्ता भी मौजूद रहे।