सोते समय वृद्ध को घसीटकर जिंदा फूंकने की रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात के बाद रविवार को जिलाधिकारी और एसपी सपहाई गुरौली गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक की घायल पत्नी और पुत्री से पूछताछ की। वारदात के बाद से गांव में दहशत बरकरार है। अफसरों ने गांव के हालात देखते हुए पुलिस तैनात करने के आदेश दिए। नामजद छह हत्यारोपियों में फिलहाल कोई भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है।
शुक्रवार-शनिवार की रात डेढ़ बजे गांव के देवी दयाल कुशवाहा को सोते समय जगाकर आधा दर्जन सशस्त्र दबंग घसीट ले गए और चंद कदम दूर पशुबाड़े में वहां रखे कंडे, लकड़ी आदि की चिता बनाकर देवी दयाल को जिंदा फूंक दिया।
वारदात के बाद प्रशासनिक अफसरों में एसडीएम और पुलिस अधिकारियों में अपर एसपी ही घटना स्थल पहुंचे थे। रविवार को डीएम सुरेश कुमार और एसपी राकेश शंकर गांव पहुंचे। दोनोें अफसरों ने वह स्थान देखा जहां देवी दयाल को जिंदा जला डाला गया।
मृतक की विधवा रजपतिया से जानकारी ली। रजपतिया के हाथ-पैरों में प्लास्टर चढ़ा है। अप्रैल माह में उसे हत्यारोपियों ने लाठियों से पीटकर इस हालत में पहुंचा दिया था। रजपतिया ने एसपी को बताया कि उसके खेत की जमीन दबाकर आरसीसी सड़क बना दी गई।
उसके पति देवीदयाल ने विरोध किया था। हत्यारोपी उसके खेत में अपने जानवर छोड़ देते थे। रजपतिया ने कहा कि इसी का विरोध करने पर उसके हाथ-पैर तोड़ दिए गए।
एसपी ने बबेरू कोतवाली प्रभारी अभिमन्यु यादव को निर्देश दिए कि गांव में फिलहाल पुलिस तैनात रखें। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी करें।
उधर, डीएम सुरेश कुमार ने कहा कि सीसी सड़क अगर गलत स्थान पर बनी है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। प्रधान राजकरन वर्मा ने बताया कि यह लोहिया गांव है। विधायक निधि से यह सड़क बनी है। एसपी ने मृतक की पुत्री चंपा देवी से भी बातचीत की।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे नेता
बांदा। देवी दयाल के शव का रविवार को पोस्टमार्टम किया गया। विधायक दलजीत सिंह, पूर्व मंत्री बाबूलाल कुशवाहा, अयोध्या पटेल, भाजपा नेता पुष्कर द्विवेदी और विधायक के मीडिया प्रभारी केशव पाल पीएम हाउस पहुंचे और मृतक के परिजनों को सांत्वना दी। बाद में नेताओं ने डीएम सुरेश कुमार से उनके आवास में मुलाकात की और पोस्टमार्टम डाक्टरों के पैनल से कराने तथा वीडियोग्राफी की मांग की। जिलाधिकारी ने इसका आदेश दे दिया।