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अवैध खनन के विरोध में जल सखी मोर्चा का प्रदर्शन

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DM,mineroty day,team,banda,investigasion - फोटो : BANDA
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बांदा। पैलानी तहसील के खप्टिहा कलां खदान संख्या 100/1 में अवैध खनन और स्थानीय किसानों को पहुंचाए जा रहे नुकसान के विरोध में कई दिनों तक खदान में धरना-प्रदर्शन के बाद बुधवार को जल सखी महिलाओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। देर शाम डीएम आवास पर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया।
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मुख्यमंत्री और खनिज निदेशक को संबोधित ज्ञापन में जल शक्ति मोर्चा महिलाओं ने कहा है कि उक्त खदान में खुलेआम नियम कानूनों की अनदेखी हो रही है। हाल ही में डीएम ने 12 खदानों को ब्लैक लिस्ट किया है। इन खदानों के पट्टाधारकों ने पांच वर्ष की बालू एक वर्ष में निकाल ली और किश्तें नहीं दीं। ज्ञापन में जांच टीम से जांच कराकर अवैध खनन से प्रभावित हो रहे किसानों की भूमि चिह्नित कराने और अवैध खनन व हैवी मशीनों का इस्तेमाल रोकने की मांग की। कलेक्ट्रेट में पूरा दिन किसी अधिकारी द्वारा ज्ञापन न लेने पर देर शाम महिलाओं का यह जत्था डीएम आवास पहुंच गया। इसी बीच सिटी मजिस्ट्रेट केशव नाथ वहां पहुंच गए। काफी संख्या में पुलिस आ गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लिया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं जल सखी मोर्चा की ऊषा निषाद सहित राधा देवी, राजकुमारी, पार्वती, माया देवी आदि शामिल रहीं। ऊषा निषाद ने कहा कि कार्रवाई न हुई तो वह लखनऊ में भी प्रदर्शन किया जाएगा। उधर, खनिज अधिकारी सुभाष सिंह ने बताया कि उक्त खदान की तीन दिन पहले ही जांच की गई है। नियम विरुद्ध अधिक गहरान में खुदाई करने पर 50 हजार रुपये जुर्माना किया है। खनिज अधिकारी ने कहा कि खनन निर्धारित सीमा में हो रहा है। अन्य कोई गड़बड़ी नहीं है। गलत आरोप लग रहे हैं।
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फोटो 17 बीएनडीपी 02- मिस्कीन शाह उर्स के आखिरी दिन चिरागां की रस्म में शामिल अकीदतमंद।
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कौमी एकता का प्रतीक मिस्कीन शाह उर्स खत्म
बांदा। कौमी एकता के प्रतीक मिस्कीन शाह वारसी दरगाह का तीन दिवसीय उर्स बुधवार को सुबह खत्म हो गया। अंतिम रश्म चिरांगा में भारी भीड़ उमड़ी। इसमें हिन्दू-मुस्लिम दोनों धर्मों के लोग ही शामिल थे।
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उर्स में कई जनपदों से अकीदतमंद शामिल रहे। हर साल यह उर्स वसंत पंचमी से शुरू होता है। तीनों दिन दरगाह परिसर में मेले का नजारा रहा। महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भीड़ ज्यादा रही। सुबह से देर रात तक कई चरणों में कव्वालों की महफिल होती रहीं। समापन पर तड़के 4 बजे वारिस अली शाह (देवा शरीफ) की कुल फातिहा हुई। परंपरागत पोशाक एहराम पहने अकीदत मंद शामिल रहे। तगय्युर शाह वारसी (कानपुर) सहित बेनजीर शाह (लखनऊ), सूफी साबिर (पूना), इकबाल शाह, मुनव्वर शाह, बेमिसाल शाह (आगरा), अजमल शाह उर्फ मुन्ना आदि शामिल रहे। मुतव्वली निजामुद्दीन फारुकी ने सभी का आभार जताया।
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