फोटो - 18 बैठक के दौरान मौजूद मुस्लिम समाज के लोग। संवाद
जसपुरा। शादी समारोह में बैंड-बाजा और डीजे माहौल में रौनक भरते हैं लेकिन रामपुर के मुस्लिम समाज ने इसे सामाजिक कुरीति मानते हुए बड़ा कदम उठाया है। सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अब किसी भी शादी-विवाह में बैंड, डीजे, ढोल-ताशे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने पर जुर्माना लगाया जाएगा और काजी भी निकाह पढ़ाने से इन्कार कर देंगे।
शुक्रवार को गांव के नूरानी मस्जिद में समाज की बैठक हुई। इसमें करीब दो सौ लोग शामिल हुए। बैठक में चर्चा हुई कि शादियों में बजने वाले बैंड-डीजे परंपराओं के विपरीत हैं, इसलिए इन्हें बंद करना जरूरी है। समाज के लोगों ने कहा कि अगर कोई परिवार समझाने के बावजूद नहीं मानता, तो उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। फैसले के मुताबिक अगर किसी लड़की या लड़के की शादी में बैंड या डीजे बजता है तो रामपुर का काजी ही नहीं, बाहर से बुलाया गया काजी भी निकाह नहीं पढ़ाएगा।
कहा कि यदि कोई काजी नियम तोड़कर निकाह पढ़ाता है तो उस पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। पहली बार गलती पर समझाया जाएगा, लेकिन बार-बार नियम तोड़ने वाले परिवार पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा गया है। साथ ही यह भी तय किया गया कि ऐसे परिवारों के कार्यक्रम में समाज के लोग खाना खाने नहीं जाएंगे। बैठक में मौजा काजी साबिर, कारी अब्दुल मुबीन, पेश इमाम समद अली, नूर मोहम्मद खान, नौशाद साहब, यकीन खान, महताब खान, गुलाब खान, यमीन खान, इरफान अली मौजूद रहे।