बांदा। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने जिला पंचायत अध्यक्ष के विरुद्ध लगाए गए सभी आरोपों को निराधार मानते हुए दायर की गई याचिकाओं को खारिज कर दिया है। राज्य बनाम अन्य से संबंधित रिट सी संख्या 138/2026, सदाशिव बनाम स्टेट ऑफ यूपी व अन्य, में न्यायालय ने 13 जनवरी को आदेश पारित करते हुए याची की प्रार्थना को अस्वीकार कर दिया। न्यायालय ने प्रकरण का निस्तारण करते हुए कोई भी अतिरिक्त निर्देश जारी नहीं किए।
जिला पंचायत के कार्याधिकारी डॉ. सुजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि इससे पूर्व भी रिट सी संख्या 8612/2025 पर उच्च न्यायालय ने 12 सितंबर 2025 को सुनवाई की थी। उस समय भी न्यायालय को आरोपों में कोई तथ्य अथवा औचित्य नहीं मिला था और मामले को शासन स्तर पर विचार के लिए भेजा गया था। इसके बावजूद, एक ही विषय को लेकर बार-बार याचिकाएं दाखिल की जाती रहीं, जिसे न्यायालय ने अनुचित माना।
जिला पंचायत प्रशासन का कहना है कि कुछ लोग व्यक्तिगत स्वार्थ के चलते जिला पंचायत बांदा में संचालित विकास कार्यों को बाधित करने के उद्देश्य से लगातार न्यायालय का सहारा लेकर भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि न्यायालय ने उपलब्ध सभी अभिलेखों, तथ्यों और साक्ष्यों का गहन परीक्षण करने के बाद यह स्पष्ट कर दिया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल के विरुद्ध लगाए गए आरोपों में कोई दम नहीं है और वे कहीं से भी दोष सिद्ध नहीं होते।