फोटो 21 - कोतवाली परिसर में बाहर निकलते जेई रविंद्र नाथ। संवाद
नरैनी। सिंचाई के अस्थाई कनेक्शन में हो रही देरी की शिकायत पर विधायक के पति ने बिजली विभाग पहुंचकर जेई को समझाने का प्रयास किया। आरोप है कि मामला न निपटने पर जेई को गाली गलौज करते हुए निजी वाहन से कार्यालय से कोतवाली ले जाया गया। यहां पर पुलिस की मौजूदगी में समझौता हुआ। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं है । मामला बिजली निगम का है।
कालिंजर थानाक्षेत्र के गुढ़ा कला गांव निवासी नीतेश सिंह भदोरिया ने बताया सिंचाई के लिए तीन एचपी के अस्थाई कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। बिजली विभाग से जानकारी मिली कि कनेक्शन पांच एचपी का होना चाहिए। इसके बाद 23 नवंबर को पांच एचपी कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया। इसमें 100 रुपये का शुल्क लगा।
कहा कि जब बिजली निगम के दफ्तर पहुंचे तो वहां पर तैनात जेई रविंद्र कुमार ने 17000 रुपये रसीद के लिए मांगे, जिसकी शिकायत उन्होंने विधायक के पति पवन वर्मा से की थी। वहीं दूसरी ओर बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे विधायक के पति बिजली निगम दफ्तर पहुंचे और जेई रविंद्र कुमार को समझाने का प्रयास किया। तब जेई ने आवेदन ऑनलाइन होने और कार्य एसडीओ कार्यालय से होने का हवाला दिया। बताया कि वह आवेदन के क्रम में स्थलीय निरीक्षण कर चुके हैं और रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई है। उनका कार्य स्थलीय निरीक्षण और रिपोर्ट देने की है।
इसी बात को लेकर विधायक के पति अपशब्द कहते हुए जेई को कार्यालय से कोतवाली ले गए। यहां पर कोतवाली प्रभारी संदीप तिवारी के समक्ष काफी देर तक बंद कमरे में वार्तालाप हुई। बाद में जानकारी मिली कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया। जेई ने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। वहीं कोतवाली प्रभारी संदीप तिवारी ने कहा कि विधायक पति पवन वर्मा व जेई रविंद्र कुमार थाने आए थे, लेकिन गाली गलौज व मारपीट जैसी कोई बात सामने नहीं आई। कहा कि किसी पक्ष से कोई तहरीर नहीं दी गई।
-
वर्जन
जेई से विवाद जैसा कोई मामला नहीं है। पीड़ित ने अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर जेई से मिलने गए थे। लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं।
पवन वर्मा, विधायक के पति
-
आरोप प्रत्यारोप की बात सामने आई है। इसमें जनता की शिकायत को समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। कोई विवाद नहीं हुआ।
कृष्णकांत त्रिपाठी, सीओ