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Banda News: बर्खास्त एसपी मणिलाल पाटीदार की कोर्ट में पेशी, अगली सुनवाई दो जुलाई को

Tue, 16 Jun 2026 11:21 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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बांदा। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में मंगलवार को महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत से जुड़े मामले में सुनवाई होनी थी। विशेष न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण अगली तारीख दो जुलाई निर्धारित की गई। इस मामले में मुख्य आरोपी, महोबा के बर्खास्त पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार, सुरेश सोनी और ब्रह्मदत्त शुक्ला ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से अदालत में हाजिरी लगाई। कुछ देर अदालत में रुकने के बाद तीनों आरोपी वहां से गुपचुप निकल गए। इस मामले में कुल पांच आरोपी हैं लेकिन पूर्व थानाध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला और सिपाही अरुण यादव पेश नहीं हो सके।
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यह मामला कबरई निवासी क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी से जुड़ा है। जिन्हें 11 सितंबर 2020 को बांदा-कबरई मार्ग पर गोली लगी अवस्था में कार में पाया गया था। 13 सितंबर 2020 को कानपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। इस घटना के बाद महोबा के बर्खास्त पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार, कबरई के पूर्व थानाध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव, सूर्या केमिकल के डीलर सुरेश सोनी और अजय इंटरप्राइजेज के प्रोप्राइटर ब्रह्मदत्त शुक्ला पर अवैध उगाही करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोप लगे थे।



व्यवसायी के भाई रविकांत त्रिपाठी ने कबरई थाने में भ्रष्टाचार सहित कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शुरुआत में यह मामला लखनऊ की भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में चल रहा था, जिसे बाद में बांदा की विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था। मंगलवार को अदालत में गवाहों के बयान दर्ज होने और आरोपियों से जिरह होनी थी। सभी आरोपियों को अदालत में हाजिर होना था।
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बर्खास्त पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार अपने अधिवक्ता एके सिंह सेंगर के साथ सुबह करीब 11 बजे विशेष अदालत में पहुंचा। कुछ समय बाद अन्य आरोपी सुरेश सोनी और ब्रह्मदत्त शुक्ला भी न्यायालय में हाजिर हुए। विशेष न्यायाधीश चंद्रपाल द्वितीय के अवकाश पर होने के कारण आरोपियों की जिरह नहीं हो सकी। मणिलाल पाटीदार, जिन्होंने इससे पहले तीन बार हाजिरी माफी मांगी थी। आज व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। वहीं पूर्व थानाध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला और सिपाही अरुण यादव की ओर से अदालत में माफी हाजिरी लगाई गई। अब अगली सुनवाई दो जुलाई को होगी।



गवाहों की सूची और वादी



इस भ्रष्टाचार के मामले में 53 गवाह हैं, जिनमें मृतक की पत्नी रंजना त्रिपाठी, साला ब्रजेश शुक्ला और भाई विजय कुमार तिवारी प्रमुख हैं। इन सभी गवाहों को बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया गया है। मामले में मृतक क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी के भाई रविकांत त्रिपाठी वादी हैं।
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