बांदा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में लापरवाही के आरोप में अनुशासनिक कार्रवाई के घेरे में आए डीआरडीए परियोजना निदेशक (पीडी) आरपी मिश्र पर शासन स्तर से की गई अनुशासनिक कार्रवाई जांच के बाद खत्म कर दी गई है। अब उन्हें परिनिंदा का दंड दिया गया है।
जनवरी 2019 की समीक्षा में पीएम आवास योजना में प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर शासन ने 8 मार्च 2019 को परियोजना निदेशक आरपी मिश्र पर अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए चित्रकूटधाम मंडल के अपर आयुक्त (प्रशासन) को जांच अधिकारी नियुक्त किया था। अपर आयुक्त ने जांच के बाद 11 जून 2020 को शासन को दी जांच रिपोर्ट में कहा कि आरपी मिश्र पर लगाए गए सभी पांच आरोप सिद्ध नहीं पाए गए।
अपर मुख्य सचिव (ग्राम विकास) मनोज कुमार सिंह ने हाल ही में जारी शासनादेश में राज्यपाल के आदेश का हवाला देकर कहा कि आरोपी अधिकारी लगाए गए आरोप, स्पष्टीकरण और जांच अधिकारी की रिपोर्ट के परीक्षण के बाद यह पाया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के क्रियान्वयन एवं मानीटरिंग में लापरवाही बरतने से दूसरी किस्त जारी होने में विलंब हुआ। इसके लिए आरपी मिश्र जिम्मेदार थे। अत: मिश्र को परिनिंदा का दंड देते हुए उनके विरुद्ध की गई अनुशासनिक कार्रवाई समाप्त की जाती है।