अध्यक्ष प्रतिनिधि लाखनसिंह से बातचीत करते डीआईजी।
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बांदा। बुलंदशहर में हाईवे पर गैंगरेप के बाद प्रदेश सरकार की सख्ती ने सोती पुलिस को जगाए रखा है। आमतौर पर रोजाना थाना और चौकियों में सोने वाले पुलिस अफसरों और कर्मियों की इन दिनों नींद हराम है। अधिकारी बिना बताए आधी रात को उनके पलंगों तक पहुंच रहे हैं। गुरुवार की रात भी यही हुआ। डीआईजी ने पूरी रात चौकी और थानों को खंगाला। हाईवे पर लाल और नीली बत्ती वाले वाहन पुलिस के खास निशाने पर रहे। चित्रकूट जा रहे तीर्थ यात्रियों के वाहनों की भी जांच-पड़ताल हुई।
एक हफ्ते के अंदर पुलिस अफसरों की यह दूसरी रात्रि चेकिंग थी। डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने आधी रात को बांदा-इलाहाबाद नेशनल हाईवे पर खुद चेकिंग शुरू कर दी। उनके साथ अपर एसपी मायाराम वर्मा और काफी संख्या में पुलिस बल भी था। लाल और नीली बत्ती लगाए वाहन खास निशाने पर रहे। डीआईजी का कहना था कि अक्सर अपराधी अपने वाहनों में ऐसी बत्ती लगाकर वारदात को अंजाम देते हैं।
खुरहंड के पास तेज रफ्तार जा रही लाल बत्ती वाली कार को पुलिस ने रोक लिया। डीआईजी ने खुद इसकी जांच-पड़ताल की। कार जिला पंचायत अध्यक्ष की थी। उसमें अध्यक्ष के प्रतिनिधि लाखन सिंह बांदा से अतर्रा की तरफ जा रहे थे। डीआईजी ने कहा कि अध्यक्ष के बैठे होने पर ही लाल बत्ती जलाएं।
चित्रकूट से आ-जा रहे श्रद्धालुओं के वाहनों और यात्री बसों की भी सघन छानबीन हुई। यात्रियों के सामानों को खंगाला गया। खुरहंड चौकी में एचसीपी कमलापति तिवारी और दो सिपाही सोते मिले। डीआईजी के पहुंचते ही हड़बड़ा कर जागे और आनन-फानन वर्दी पहनी। बताया कि उनकी ड्यूटी दिन की है। उधर, एचसीपी की वर्दी में दो स्टार देख डीआईजी ने नाराजगी जताई और एक स्टार लगाने को कहा।
चौकी के लॉकअप में दो लोगों के बंद होने के बावजूद सभी पुलिस कर्मियों के सोते रहने पर डीआईजी ने फटकार लगाई और कहा कि ऐसे में बंदी कुछ कर ले तो जिम्मेदार कौन होगा? वाहनों पर पद या संगठन के बोर्ड या स्टीकर लगे होने पर उन्हें हटवाया। हालांकि डीआईजी की रात्रिकालीन चेकिंग की खबर सभी थानों को पहले ही मिल गई थी। इसलिए सभी चौकन्ने नजर आए।