बांदा। जिला मजिस्ट्रेट अमित सिंह बंसल के आदेश पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) भवन को अस्थायी कारागार के रूप में अधिग्रहीत किया गया है। इसमें गिरफ्तार होने वाले व्यक्तियों को रखा जाएगा। कारागार में व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
डीएम ने जारी पत्र में कहा है कि उत्तर प्रदेश जेल मैनुअल की धारा-953 और बंदी अधिनियम 1984 की धारा 11 के तहत डायट को अग्रिम आदेशों तक के लिए अस्थायी कारागार घोषित किया जाता है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। भारतीय दंड संहिता की धाराओं सहित एपेडेमिक डिलीज एक्ट-1897 व डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट-2005 के उल्लंघन में गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्तियों को यहां रखा जाएगा।
इसकी सुरक्षा के लिए पुलिस व पीएसी बल तैनात करने सहित संचार व्यवस्था को आईटी सेट स्थापना की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक को सौंपी है। सीएमओ को पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ की तैनाती और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था, नगर पालिका ईओ को सफाई के लिए 6 कर्मियों की नियुक्ति व शौचालय व्यवस्था, कारागार अधीक्षक को अभिलेखों आदि के रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई।
जिला कमांडेंट होमगार्ड्स को होमगार्ड नियुक्त करने, संभागीय परिवहन अधिकारी को यातायात व्यवस्था में तीन छोटे और एक मध्य वाहन उपलब्ध कराने, जिला पूर्ति अधिकारी को खाद्यान्न व एलपीजी आदि की व्यवस्था, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड अधिशासी अभियंता को बैरीकेडिंग और डायट प्राचार्य को अस्थायी जेल के लिए कक्षों को खाली कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि कारागार अधीक्षक की मांग पर अस्थायी कारागार में तुरंत व्यवस्था की जाए।