नरैनी (बांदा)। राम जानकी मंदिर सेवा समिति के मामले को लेकर बांसी-देवरार गांव के लगभग एक सैकड़ा लोग शनिवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। पीड़ितों का आरोप है कि एसडीएम ने शिकायती पत्र लेने से इन्कार कर दिया। शिकायत करने वाले पदाधिकारी का पुलिस ने शांतिभंग में चालान कर दिया।
बांसी देवरार गांव के संतराम, भजना ,बुधराज, मिंटू, राजकिशोर, बाला प्रसाद, विनोद द्विवेदी, माधव प्रसाद, राम सजीवन, राम मिलन, भैया जी, राजा बाबू, सियाराम, स्वामीदीन, ब्रज शरण, मलखान, लालाराम सहित लोगों ने शिकायती पत्र में बताया कि बांसी गांव में ठाकुर राम जानकी एवं लखन व कृष्ण भगवान नरसिंह भगवान हनुमान जी के मंदिर प्राचीनकाल से विराजमान हैं।
महंत व संरक्षक बालक दास थे। उनकी मृत्यु के बाद उनके छोटे भाई चेला के रूप में नियुक्त किए गए। उन्हें बतौर संरक्षक न्यायालय तहसीलदार नरैनी द्वारा आदेश 30 अप्रैल 2003 को नियुक्त किया गया था। इसी आदेश के संबंध में आयुक्त चित्रकूट धाम मंडल ने 21 दिसंबर 2005 में आदेश किया था कि बतौर संरक्षक जग प्रसाद संरक्षक के रूप में कार्य करेंगे।
मंदिर की संपत्ति बेचने का उन्हें कोई अधिकार नहीं होगा। न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करते हुए जग प्रसाद संरक्षक ने कृषि भूमि को विक्रय कर दिया है। इसके पूर्व 2007 में मूर्तियां चोरी हो गई थीं। घटना में संरक्षक जग प्रसाद कोई कदम नहीं उठाया। 2016-17 में अश्वनी कुमार एक लाख की जमानत देकर मूर्तियों को मंदिर में विराजित कर पूजा-अर्चना करवाई थी। श्री राम जानकी मंदिर सेवा समिति का रजिस्ट्रेशन कराकर समिति द्वारा विकास किया जा रहा है। अन्य धार्मिक कार्य किए जा रहे हैं। लोगों ने बताया कि जिस व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है वह राम जानकी मंदिर समिति का अध्यक्ष है। जिसका शांतिभंग में चालान हुआ है।