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Banda News: हैंडपंप का दूषित पानी पीने से गांव में फैला डायरिया

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कोरी बिरादरी पुरवा में डायरिया से पीड़ित बच्चों की जांच करते डॉक्टर। - फोटो : संवाद
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अतर्रा (बांदा)। तहसील क्षेत्र के तेंदुरा गांव के कोरी बिरादरी पुरवा में डायरिया फैलने की सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने रविवार को जांच की। टीम को डायरिया से मृत बच्चे के घर में लगे हैंडपंप समेत गांव के पांच हैंडपंपों का पानी गंदा मिला। इन हैंडपंपों को बंद करा दिया। डॉक्टरों का कहना है कि दूषित पानी पीने से ही डायरिया फैला है। इसी से बच्चे की मौत हुई है। इसके अलावा 40 लोग डायरिया की चपेट में हैं। स्वास्थ्य कर्मी शिविर लगाकर मरीजों की जांच कर रहे हैं।
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तेंदुरा गांव के कोरी बिरादरी पुरवा में अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा डॉ. रेखा रानी और सीएमओ डॉ. विजेंद्र सिंह के निरीक्षण के बाद रविवार को पीएचसी बिसंडा की टीम भेजी। पीएचसी से डॉ. लखन त्रिपाठी के नेतृत्व में फार्मासिस्ट, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं ने पीड़ितों की दो घंटे तक जांच की। क्लोरीन, जिंक की गोलियां और ओआरएस पाउडर बांटा। डॉ. लखन त्रिपाठी ने बताया कि मृतक दुर्गा के घर में लगे निजी हैंडपंप से गंदा पानी निकल रहा था, इसे तुरंत बंद करा दिया है। इसके अलावा गांव के चार अन्य हैंडपंपों का भी पानी दूषित मिला है। सभी हैंडपंपों को बंद दिया है। उधर, बारिश से गांव में जलभराव की स्थिति है। इससे संक्रमण तेजी से फैल रहा है।


स्वास्थ्य टीम ने एंटी लार्वा और ब्लीचिंग पाउडर का किया छिड़काव
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जलभराव वाले स्थान पर एंटी लार्वा और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया है। प्रधान रामलाल जयन ने टीम के साथ ग्रामीणों को दवा बांटने में सहयोग किया। प्रधान ने बताया कि कुछ ग्रामीणों ने चकरोड और ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। इससे पूरे गांव में जलनिकासी बाधित है। फिलहाल डायरिया से मासूम बच्चे की मौत के बाद गांव के लोग डरे और सहमे हुए हैं। सतर्कता बरत रहे हैं।
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डायरिया से बचाव के लिए पानी उबालकर पीयें
बांदा। जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ ईएमओ डॉ. विनीत सचान ने बताया कि गर्मी और बारिश के दिनों में डायरिया के मरीजाें की संख्या बढ़ जाती है। डायरिया से बचने के लिए पानी छानकर और उबालकर पीयें। बासी भोजन से परहेज करें। तीन से चार बार दस्त आए तो डॉक्टर को दिखाएं। देरी करने पर शरीर में नमक और पानी की कमी से मौत भी हो सकती है। घर में ओआरएस का घोल तैयार रखे। अगर ओआरएस नहीं है तो नमक और चीनी का घोल बना लें। उसे पिलाते रहें। रविवार को ट्राॅमा सेंटर में डायरिया के 15 मरीजों को भर्ती कराया गया है।
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