गर्मी बढ़ते ही मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। डायरिया और दिमागी बुखार से दो युवकों की मौत हो गई। एक दर्जन मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मौसम का मिजाज बदलने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल में डायरिया, दिमागी बुखार और वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। गुरुवार को इस रोग से पीड़ित 278 मरीजों ने ओपीडी में अपना इलाज कराया। संक्रामक बीमारियों से मौत का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
गुरुवार को जौरही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के कलेक्टर पुरवा गांव निवासी बिरजा (24) पुत्र फूलचंद्र को डायरिया होने पर परिजनों ने बुधवार की रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया। देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इसी तरह तिंदवारी कस्बा निवासी चंद्रपाल (30) पुत्र शिवपाल को दो दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों ने उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिंदवारी में भर्ती कराया। हालत में सुधार न होने पर परिजनों ने बुधवार को दोपहर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। देर रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
जिला अस्पताल के ईएमओ डा.विनीत सचान ने बताया कि एक की डायरिया और दूसरी की मौत दिमागी बुखार से हुई है। उधर, गुरुवार को जिला अस्पताल में डायरियाग्रस्त गुड़िया (22), अंशिका (3), दीप्ति (4), अशोक कुमार (10), दीपेश (17), राकेश सिंह (17), दिव्या (19), नरेंद्र कुमार (20), अब्दुल सलीम (20), पप्पू सिंह (25) समेत एक दर्जन मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।